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पाकिस्तान का यौम-ए-इस्तेहसाल 'तमाशा', दुनिया समझती है - विदेश मंत्रालय

भारत ने स्पष्ट किया कि 5 अगस्त, 2019 को किए गए संवैधानिक बदलाव पूरी तरह से भारत का अंदरूनी मामला है। इन फैसलों से इस इलाके के लोगों का सामाजिक-आर्थिक विकास हुआ है। उन्हें सुशासन मिला और लोकतांत्रिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिला है। पाकिस्तान को भारत के अंदरूनी मामले में टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं हैं।
रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान को आईना दिखाते हुए आगे कहा, " पाकिस्तान की झूठ फैलाने की बेताब कोशिशें सिर्फ अपने बदहाल मानवाधिकार रिकॉर्ड और आतंकवाद के वैश्विक केंद्र की अपनी छवि से दुनिया का ध्यान भटकाने की कोशिश है। विश्व बिरादरी देख रही है कि कैसे पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में लोगों की आवाज को बेरहमी से कुचला जा रहा है।"
सैन्य कार्रवाई का जिक्र करते हुए आगे कहा, "हाल के हफ्तों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने स्थानीय लोगों के शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को दबाने के लिए हिंसा, टारगेट किलिंग और कड़ी पाबंदियों का सहारा लिया है। निहत्थे लोगों के खिलाफ इस तरह की राज्य-प्रायोजित हिंसा पाकिस्तानी सरकार के दोहरे मापदंड को उजागर करती है।
जायसवाल ने पाकिस्तान को अंत में सलाह दी कि कूटनीतिक नाटक में शामिल होने के बजाय, पाकिस्तान को पीओजेके में खून-खराबा रोकना चाहिए, अपनी जमीन से चल रहे टेरर नेटवर्क के खिलाफ ठोस कार्रवाई करनी चाहिए और भारत के उन सभी क्षेत्रों को तुरंत खाली करना चाहिए, जिन पर उसने अवैध और बलपूर्वक कब्जा कर रखा है। दुनिया इन सुनियोजित तमाशों से बेवकूफ नहीं बनने वाली।
--आईएएनएस
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