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पंजाब विधानसभा में विपक्ष से दुर्व्यवहार, दबाई जा रही है आवाज - प्रताप सिंह बाजवा

बाजवा ने आरोप लगाया कि विधानसभा के प्रवेश द्वार पर विपक्षी विधायकों को अंदर जाने से रोका गया और धक्का-मुक्की की गई। जब वे सदन में प्रवेश कर रहे थे, तब स्पीकर के वॉच एंड वार्ड स्टाफ ने उन्हें धक्का दिया, जिससे उनका कंधा दीवार से टकरा गया। यदि चोट अधिक गंभीर होती तो बड़ा हादसा भी हो सकता था। बाजवा ने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताते हुए कहा कि यदि स्पीकर के निर्देश पर विपक्षी विधायकों के साथ ऐसा व्यवहार किया जाएगा तो यह पंजाब की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण होगा। इस पूरे घटनाक्रम की शिकायत स्पीकर से की गई, लेकिन हर बार केवल लिखकर दो, मैं देखूंगा कहकर मामला टाल दिया जाता है। न तो शिकायतों पर कार्रवाई होती है और न ही विपक्ष की बात सुनी जाती है।
बाजवा ने अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर दिए गए हालिया बयान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जत्थेदार ने मुख्यमंत्री के अतीत के कुछ कथित कृत्यों का हवाला देते हुए उन्हें गुरु दोषी और पंथ विरोधी बताया है। जत्थेदार ने यह भी कहा है कि मुख्यमंत्री के साथ किसी प्रकार का सामाजिक या व्यक्तिगत संपर्क न रखा जाए। उन्होंने कहा कि विधानसभा में शिरोमणि अकाली दल की एक महिला विधायक ने भी यह मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री पर अकाल तख्त साहिब के समक्ष दिए गए वचन से पीछे हटने का आरोप लगाया। यदि मुख्यमंत्री ने वास्तव में अपने वचन का पालन नहीं किया है, तो अकाल तख्त साहिब के सचिवालय और जत्थेदार को इस मामले में उचित धार्मिक कार्रवाई पर विचार करना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाने के बजाय सरकार को जनता से जुड़े मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी कर रही है और जनता से किए गए अपने वादों को पूरा करने में विफल रही है।
--आईएएनएस
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