Opposition mistreated in Punjab Assembly, voices being suppressed – Partap Singh Bajwa-m.khaskhabar.com
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पंजाब विधानसभा में विपक्ष से दुर्व्यवहार, दबाई जा रही है आवाज - प्रताप सिंह बाजवा

khaskhabar.com: बुधवार, 05 अगस्त 2026 6:12 PM (IST)
पंजाब विधानसभा में विपक्ष से दुर्व्यवहार, दबाई जा रही है आवाज - प्रताप सिंह बाजवा
चंडीगढ़,। पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने पंजाब विधानसभा में विपक्ष के साथ कथित दुर्व्यवहार, राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था और अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ लगाए गए आरोपों को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर जुबानी हमला किया। बाजवा ने कहा कि अपने लंबे राजनीतिक जीवन में उन्होंने ऐसा व्यवहार पहले कभी नहीं देखा। यह उनका विधानसभा का छठा कार्यकाल है और वह सदन के सबसे वरिष्ठ सदस्यों में शामिल हैं, लेकिन जिस तरह विपक्ष के साथ व्यवहार किया गया, वह पंजाब के लोकतांत्रिक इतिहास का दुर्भाग्यपूर्ण अध्याय है। विधानसभा में प्लेकार्ड लेकर विरोध दर्ज कराना हर विपक्षी दल और प्रत्येक विधायक का लोकतांत्रिक अधिकार है। प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि विपक्ष का दायित्व जनता की समस्याओं को सदन में उठाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। राज्य में लोगों की जान-माल सुरक्षित नहीं है, व्यापार प्रभावित हो रहा है, पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं और गांव-गांव में अवैध हथियारों की उपलब्धता चिंता का विषय बन चुकी है। यदि विपक्ष इन मुद्दों को नहीं उठाएगा तो फिर जनता की आवाज कौन बनेगा। आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले बदलाव की राजनीति का वादा किया था। सरकार ने अधिक विधानसभा सत्र बुलाने, सभी को खुलकर बोलने का अवसर देने और पारदर्शी शासन का दावा किया था, लेकिन वास्तविकता इसके विपरीत दिखाई दे रही है।
बाजवा ने आरोप लगाया कि विधानसभा के प्रवेश द्वार पर विपक्षी विधायकों को अंदर जाने से रोका गया और धक्का-मुक्की की गई। जब वे सदन में प्रवेश कर रहे थे, तब स्पीकर के वॉच एंड वार्ड स्टाफ ने उन्हें धक्का दिया, जिससे उनका कंधा दीवार से टकरा गया। यदि चोट अधिक गंभीर होती तो बड़ा हादसा भी हो सकता था। बाजवा ने इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताते हुए कहा कि यदि स्पीकर के निर्देश पर विपक्षी विधायकों के साथ ऐसा व्यवहार किया जाएगा तो यह पंजाब की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण होगा। इस पूरे घटनाक्रम की शिकायत स्पीकर से की गई, लेकिन हर बार केवल लिखकर दो, मैं देखूंगा कहकर मामला टाल दिया जाता है। न तो शिकायतों पर कार्रवाई होती है और न ही विपक्ष की बात सुनी जाती है।
बाजवा ने अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत मान को लेकर दिए गए हालिया बयान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जत्थेदार ने मुख्यमंत्री के अतीत के कुछ कथित कृत्यों का हवाला देते हुए उन्हें गुरु दोषी और पंथ विरोधी बताया है। जत्थेदार ने यह भी कहा है कि मुख्यमंत्री के साथ किसी प्रकार का सामाजिक या व्यक्तिगत संपर्क न रखा जाए। उन्होंने कहा कि विधानसभा में शिरोमणि अकाली दल की एक महिला विधायक ने भी यह मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री पर अकाल तख्त साहिब के समक्ष दिए गए वचन से पीछे हटने का आरोप लगाया। यदि मुख्यमंत्री ने वास्तव में अपने वचन का पालन नहीं किया है, तो अकाल तख्त साहिब के सचिवालय और जत्थेदार को इस मामले में उचित धार्मिक कार्रवाई पर विचार करना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाने के बजाय सरकार को जनता से जुड़े मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी कर रही है और जनता से किए गए अपने वादों को पूरा करने में विफल रही है।
--आईएएनएस

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