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ऑपरेशन ब्लू स्टार: एंटी-सैक्रिलेज कानून से आपत्तिजनक क्लॉज हटाएं, अकाल तख्त के जत्थेदार ने दी चेतावनी

वे यहां स्वर्ण मंदिर में सुबह होने से पहले ही जुटने लगे थे, लेकिन सभा का आयोजन काफी हद तक शांतिपूर्ण रहा।
जत्थेदार ने केंद्र सरकार के उन काले कानूनों के बारे में भी बात की जिन्हें बाद में रद्द कर दिया गया था। तीन काले कानून, जिन्हें 2020 के कृषि कानून के नाम से जाना जाता है, 29 नवंबर, 2021 को संसद में वोटिंग के बाद रद्द कर दिए गए।
जत्थेदार ने कहा कि पंजाब सिखों का वतन बना हुआ है और उन्होंने सिख समुदाय से अपने वतन से जुड़े रहने की अपील की। उन्होंने उनसे अपनी पीढ़ियों को श्री हरमंदिर साहिब लाने को कहा और लोगों से अपील की कि वे कहीं भी बसने के बावजूद पंजाब में अपनी जमीन न बेचें।
इस दिन की शुरुआत अकाल तख्त पर अखंड पाठ के भोग से हुई, जिसके बाद याद में गुरबानी कीर्तन हुआ। भोर होने से पहले ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्वर्ण मंदिर परिसर में जुटने लगे थे।
ऑपरेशन ब्लू स्टार एक सैन्य कार्रवाई थी, जिसका आदेश तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने दिया था। इसका मकसद स्वर्ण मंदिर परिसर में भारी मात्रा में हथियारों और गोला-बारूद के साथ छिपे जरनैल सिंह भिंडरावाले और उनके नेतृत्व वाले उग्रवादियों को बाहर निकालना था।
ऑपरेशन ब्लू स्टार 1 से 8 जून, 1984 के बीच चलाया गया था। इसमें दोनों पक्षों के कई लोगों की जान गई और पवित्र स्थल व परिसर को नुकसान पहुँचा।
कॉम्प्लेक्स में एक प्रदर्शनी लगाई गई जिसमें ऑपरेशन ब्लू स्टार और स्वर्ण मंदिर को हुए नुकसान की तस्वीरें दिखाई गईं।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने कहा कि इस प्रदर्शनी का मकसद लोगों को सैन्य कार्रवाई के बारे में जानकारी देना था।
ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी से पहले, कट्टरपंथी संगठन 'दल खालसा' ने अमृतसर में बंद और 'घल्लूघारा मार्च' का ऐलान किया था। संभावित अशांति को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने चौकसी बढ़ा दी थी।
--आईएएनएस
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