Advertisement
तेल ढाई गुना महंगा: सरसों की बजाय गरीबों का तेल निकालने पर तुली है हरियाणा सरकार : बुवानीवाला

अशोक बुवानीवाला ने कहा कि सरकार ने पिछले तीन महीने में 4.78 लाख गरीब परिवारों को बीपीएल सूची से बाहर कर दिया, जिनमें से कई ऐसे परिवार हैं जिनके पास न साइकिल है, न घर, लेकिन सरकारी पोर्टल पर उनके नाम पर कार दिखाई गई है। यह सीधा-सीधा डिजिटल धोखा और जमीनी सच्चाई से दूरी है। मार्च 2025 में बीपीएल कार्डधारकों की संख्या 52.50 लाख थी। अब यह घटकर 47.72 लाख रह गई है। चुनाव में लाभ लेने के बाद अब गरीबों को योजनाओं से बाहर किया जा रहा है, जिससे न केवल राशन, बल्कि अन्य कल्याणकारी योजनाओं से भी वह वंचित हो जाएंगे।
बुवानीवाला ने आरोप लगाया कि सरकार की नजर शुरू से ही इस तेल पर थी। पहले समय-समय पर डिपो पर तेल सप्लाई रोकी जाती रही। जब विपक्ष ने दबाव बनाया तो उसे बहाल करना पड़ा। अब इस निकम्मी सरकार ने तेल की कीमतें बढ़ाकर गरीबों की रीढ़ तोड़ दी है। यह सरसों नहीं, बल्कि गरीबों का तेल निकालने की साजिश है।
अशोक बुवानीवाला ने सरकार से मांग की है कि सरसों तेल की दर फिर से 40 रुपए प्रति 2 लीटर की जाए। बीपीएल व अंत्योदय कार्डधारकों की सूची की निष्पक्ष व पुनः जांच कराई जाए। बिना जांच के हटाए गए पात्र परिवारों को फिर से सूची में शामिल किया जाए। सरकार यह स्पष्ट करे कि चुनाव से पहले कार्डधारकों की संख्या कैसे बढ़ाई और अब क्यों घटा दी गई?
अशोक बुवानीवाला ने कहा कि भाजपा सरकार गरीबों की रसोई पर वार कर रही है और जनता के मौलिक अधिकारों से खिलवाड़ कर रही है। कांग्रेस इस अन्याय को सहन नहीं करेगी और जरूरत पड़ी तो सड़कों पर उतरकर जनता की आवाज को बुलंद करेगी। सरकार को चाहिए कि वह तुरंत इस जनविरोधी फैसले को वापस ले और बढ़ती महंगाई से जूझ रही जनता को राहत दे।
ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे
Advertisement
भिवानी
Advertisement
हरियाणा से
सर्वाधिक पढ़ी गई
Advertisement
Traffic
Features


