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करोड़ों की कृषि भूमि के कथित फर्जी बेचान मामले में नया खुलासा, रजिस्ट्री में दिखाया चेक भुगतान बैंक में नहीं हुआ क्लियर

वहीं ट्रस्ट अध्यक्ष नेम कुमार संघवी के नेतृत्व में मंत्री पारसमल कोठारी एवं जैन समाज सुवाणा के उपाध्यक्ष प्रकाश चपलोत जैन ने जिला कलेक्टर के समक्ष अपील प्रस्तुत कर राजस्थान लैंड रेवेन्यू एक्ट की धारा 75 के तहत 27 जनवरी 2026 को खोले गए नामांतरण एवं इंतकाल को निरस्त करने की मांग की है।
अपील में बताया गया कि सुवाणा स्थित आराजी संख्या 1985, रकबा 0.5564 हेक्टेयर कृषि भूमि जिला कलेक्टर के माध्यम से तहसीलदार भीलवाड़ा के अधिपत्य में बताई गई है। साथ ही आरोप लगाया गया कि यति केसरी चंद गुरु जड़ावचंद का निधन लगभग 70 वर्ष पूर्व हो चुका है, इसके बावजूद उनके नाम से कथित रूप से फर्जी आधार एवं पैन कार्ड तैयार किए गए और इसी आधार पर बैंक ऑफ बड़ौदा में खाता खुलवाया गया।
मामले में ट्रस्ट पदाधिकारियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों की भूमि के बेचान और राजस्व रिकॉर्ड में नामांतरण किए जाने की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि गंभीर आरोपों के बावजूद मामले से जुड़े आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर मामले की जांच एवं कार्रवाई पर अब सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
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