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झुंझुनूं के जेजेटी विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेमिनार : डिजिटल युग में कानून का भविष्य विषय पर विधिक विशेषज्ञों ने किया मंथन

कार्यक्रम की शुरुआत प्रेसिडेंट प्रो. मधु गुप्ता के शुभकामना संदेश से हुई। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि एआई (AI) और डिजिटल तकनीकों के इस दौर में विधि शिक्षा, अनुसंधान तथा न्याय व्यवस्था को नई चुनौतियों के अनुरूप ढालना समय की मांग है।
इसके बाद विधि संस्थान के डीन एवं सम्मेलन अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार ने स्वागत उद्बोधन दिया, जबकि सम्मेलन के संयोजक डॉ. धर्मेन्द्र कौशिक ने विषय-वस्तु और इसकी समकालीन प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह आयोजन विधिक विमर्श को एक नई दिशा देगा।
दिग्गज वक्ताओं ने साझा किए विचार
सम्मेलन के मुख्य वक्ताओं में शामिल रहे: डॉ. S. K. सैनी (प्राचार्य, राजकीय विधि महाविद्यालय, चूरू), डॉ. अंजू गहलोत (प्राचार्य, यूनिवर्सिटी लॉ कॉलेज, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर), डॉ. अखिल कुमार (पूर्व निदेशक, यूनिवर्सिटी लॉ कॉलेज, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर)।
इन विशेषज्ञों का परिचय डॉ. विजयमाला, डॉ. आशिमा कुमार एवं डॉ. अर्चना पवार ने कराया। अपने व्याख्यानों में वक्ताओं ने साइबर सुरक्षा, डेटा संरक्षण, डिजिटल गोपनीयता, साइबर अपराध और डेटा गवर्नेंस से जुड़े कानूनी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की और बदलते तकनीकी परिवेश के अनुसार कानूनी ढांचे को सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया।
सम्मेलन समन्वयक (Coordinator) के रूप में डॉ. नाज़िया हुसैन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिनके सुव्यवस्थित समन्वय से सभी तकनीकी और शैक्षणिक सत्र सफलतापूर्वक संपन्न हुए। इस अवसर पर विधि संस्थान के संकाय सदस्य डॉ. यूसुफ अली, डॉ. रामनिवास सोनी, डॉ. शिव कुमार सहित विश्वविद्यालय के अनेक शिक्षक व शोधार्थी उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने शोध-पत्र भी प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के समापन पर संयोजक डॉ. धर्मेन्द्र कौशिक ने सभी अतिथियों, आयोजन समिति और सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया।
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