Mukhyamantri Krishak Saathi Yojana: Farmers got subsidized hybrid corn seeds which deceived them,-m.khaskhabar.com
×
khaskhabar
Sep 16, 2026 9:27 am
Location
 
   राजस्थान और हरियाणा सरकार से विज्ञापनों के लिए मान्यता प्राप्त
Advertisement

मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना : किसानों को मिले अनुदानित हाइब्रिड मक्की के बीज ने दिया धोखा, 90 प्रतिशत फसल उग नहीं पाई, किसानों को हजारों का नुकसान

khaskhabar.com: रविवार, 14 सितम्बर 2025 09:49 AM (IST)
मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना : किसानों को मिले अनुदानित हाइब्रिड मक्की के बीज ने दिया धोखा, 90 प्रतिशत फसल उग नहीं पाई, किसानों को हजारों का नुकसान
प्रकाश चपलोत जैन, भीलवाड़ा। राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना के तहत कृषि विभाग द्वारा लगभग दो महिने पूर्व भीलवाड़ा जिले के सैकड़ो किसानो को अपने खेतो मे बोने हेतु राजस्थान स्टेट सीड्स काॅर्पाेरेशन लिमिटेड द्वारा उत्पादित हाईब्रिड मक्की के बीज डीएचएम 121 का निशुल्क वितरण किया गया। लगभग दो महिने बीत जाने के बाद भी अब तक हाईब्रिड मक्की की फसल खेतो मे पुरी तरह उग नही पाई है। कई किसानो के खेतो मे तो जितनी फसल बोई गई है, उसकी 10 प्रतिशत फसल भी उग नही पाई है। किसानों का कहना है कि राजस्थान स्टेट सीड्स कारपोरेशन लिमिटेड द्वारा उत्पादित हाइब्रिड मक्की डीएचएम 121 की क्वालिटी सही नहीं है। बीज खराब है, जिसके चलते किसानों को हकाई, जुताई, बुवाई, तथा खाद पर खर्च किया गया हजारो रूपया बेकार चला गया है। भारतीय किसान संघ के सुवाणा तहसील सहमंत्री देवीलाल सेवदा ने बताया कि सुवाणा क्षेत्र के लगभग दो सौ के करीब किसानों ने हाइब्रिड मक्की डीएचएम 121 की बुवाई की थी।
ज्यादातर किसानो के खेतो मे यह मक्की पुरी तरह उग नही पाई है। किसानों को हजारो रूपयो का आर्थिक नुकसान हुआ है। भारतीय किसान संघ मांग करता है कि किसानों को बीज निगम या राजस्थान सरकार उचित मुआवजा दे। किसान संघ के अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह रूपाहेली ने बताया कि इस संबंध मे किसान संघ के मंत्री प्रकाश चंद्र ने राजस्थान संपर्क पोर्टल पर राजस्थान बीज निगम द्वारा मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना के तहत उपलब्ध कराये गये मक्की के बीज की जांच की मांग को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी।
जिस पर कृषि विभाग के अधिकारी दिनेश पंवार एवं ग्राम सेवक रामजीवन ने दिनांक 10 सितंबर 2025 को किसानो के खेतो पर जाकर फसल की जांच की और पाया कि किसानों को इस बीज से नुकसान हुआ है। किसानों द्वारा बोई गई, मक्की के बीज का लोट लगभग 25 फरवरी- 31-1738 पी -28, पेकिंग दिनांक अप्रैल 2025 एवं मार्च 25-01-1738 पी -40, पेकिंग अप्रैल 2025 लिखा हुआ है।
बीज निगम द्वारा किसानों को दी गई पांच किलो की प्रत्येक थैली के ऊपर लिखा हुआ है कि बीज की अंकुरण क्षमता न्युनतम 90 प्रतिशत है। भौतिक शुद्धता न्यूनतम 98 प्रतिशत है तथा बीज थाईराम नामक रसायन से उपचारित किया गया है, थैली पर टेग नम्बर सीबी 000038304 तथा सीबी 000015154 लिखा हुआ है। लेबल नम्बर 264157 है। किसानों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मुआवजा राशि दिलाये जाने की मांग की है।

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

Advertisement
Khaskhabar.com Facebook Page:
Advertisement
Advertisement