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मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना : किसानों को मिले अनुदानित हाइब्रिड मक्की के बीज ने दिया धोखा, 90 प्रतिशत फसल उग नहीं पाई, किसानों को हजारों का नुकसान

ज्यादातर किसानो के खेतो मे यह मक्की पुरी तरह उग नही पाई है। किसानों को हजारो रूपयो का आर्थिक नुकसान हुआ है। भारतीय किसान संघ मांग करता है कि किसानों को बीज निगम या राजस्थान सरकार उचित मुआवजा दे। किसान संघ के अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह रूपाहेली ने बताया कि इस संबंध मे किसान संघ के मंत्री प्रकाश चंद्र ने राजस्थान संपर्क पोर्टल पर राजस्थान बीज निगम द्वारा मुख्यमंत्री कृषक साथी योजना के तहत उपलब्ध कराये गये मक्की के बीज की जांच की मांग को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी।
जिस पर कृषि विभाग के अधिकारी दिनेश पंवार एवं ग्राम सेवक रामजीवन ने दिनांक 10 सितंबर 2025 को किसानो के खेतो पर जाकर फसल की जांच की और पाया कि किसानों को इस बीज से नुकसान हुआ है। किसानों द्वारा बोई गई, मक्की के बीज का लोट लगभग 25 फरवरी- 31-1738 पी -28, पेकिंग दिनांक अप्रैल 2025 एवं मार्च 25-01-1738 पी -40, पेकिंग अप्रैल 2025 लिखा हुआ है।
बीज निगम द्वारा किसानों को दी गई पांच किलो की प्रत्येक थैली के ऊपर लिखा हुआ है कि बीज की अंकुरण क्षमता न्युनतम 90 प्रतिशत है। भौतिक शुद्धता न्यूनतम 98 प्रतिशत है तथा बीज थाईराम नामक रसायन से उपचारित किया गया है, थैली पर टेग नम्बर सीबी 000038304 तथा सीबी 000015154 लिखा हुआ है। लेबल नम्बर 264157 है। किसानों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मुआवजा राशि दिलाये जाने की मांग की है।
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