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यूपीआई पर मर्चेंट शुल्क डिजिटल भुगतान को महंगा करने की शुरुआत: कुमारी सैलजा

सांसद ने कहा कि छोटे दुकानदार पहले ही महंगाई, कमजोर मांग, जीएसटी अनुपालन और बढ़ती लागत से परेशान हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद कई व्यापारी बड़े यूपीआई भुगतान लेने से बच सकते हैं अथवा ग्राहकों को नकद भुगतान के लिए कह सकते हैं। इससे डिजिटल भुगतान अभियान को नुकसान पहुंच सकता है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि छोटे व्यापारियों की पहचान कैसे होगी और एक लाख रुपये की मासिक सीमा पार होने पर उन्हें किस प्रक्रिया के तहत शुल्क की श्रेणी में लाया जाएगा।
कुमारी सैलजा ने मांग की कि केंद्र सरकार यूपीआई मर्चेंट भुगतान पर प्रस्तावित एमडीआर तत्काल वापस लेकर डिजिटल भुगतान नि:शुल्क बनाए रखे। यूपीआई जनता की सुविधा और आर्थिक समावेशन का माध्यम है, इसे सरकार, बैंक अथवा निजी कंपनियों की वसूली का साधन नहीं बनने दिया जाना चाहिए। कांग्रेस उपभोक्ताओं और छोटे व्यापारियों पर डाले जाने वाले प्रत्येक अनुचित आर्थिक बोझ का पुरजोर विरोध करेगी।
18 से 20 सितंबर तक असंध, पंचकूला, कालका और सिरसा प्रवास पर रहेंगी सैलजा
कुमारी सैलजा 18 से 20 सितंबर तक विभिन्न जिलों के प्रवास पर रहेंगी। वे 18 सितंबर को असंध के जीएस फार्म में आयोजित ब्लॉक कांग्रेस अधिवेशन में भाग लेंगी। इसके बाद बरवाला स्थित प्रभु स्वीट्स और पंचकूला के सेक्टर-16 स्थित अग्रवाल भवन में आयोजित ब्लॉक कांग्रेस अधिवेशनों को संबोधित करेंगी। 19 सितंबर को पिंजौर के केके फार्म में आयोजित ब्लॉक कालका कांग्रेस अधिवेशन में हिस्सा लेंगी। 20 सितंबर को गांव कुत्ताबढ़ में शहीद सुखसैन सिंह के निवास पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगी तथा सिरसा की नई अनाज मंडी में आयोजित भक्ति सत्संग में शामिल होंगी। इसके बाद पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस सिरसा में आमजन से मुलाकात करेंगी और नरवाना के एसडी महिला कॉलेज में आयोजित ब्लॉक कांग्रेस अधिवेशन में भाग लेंगी।
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