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मान सरकार युवाओं को रोज़गार उपलब्ध कराने और समयबद्ध ढंग से भर्ती करने के लिए प्रतिबद्ध: हरदीप सिंह मुंडियां

उल्लेखनीय है कि सभी चयनित उम्मीदवार जालंधर स्थित डायरेक्टर लैंड रिकॉर्ड्स कार्यालय में दो माह के प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेंगे। इस प्रशिक्षण में एक माह का राजस्व प्रशिक्षण तथा एक माह का फील्ड प्रशिक्षण शामिल होगा, जिससे उन्हें दक्ष सेवाएं प्रदान करने हेतु आवश्यक व्यावसायिक कौशल और क्षेत्रीय अनुभव प्राप्त हो सके। राजस्व मंत्री ने कहा कि यह भर्ती योग्य मानव संसाधन के माध्यम से जनसेवाएं उपलब्ध कराने के राज्य सरकार के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।
मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए स. हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि मान सरकार ने युवाओं के सशक्तिकरण और रोज़गार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा, “राज्य में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से अब तक 66,000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की जा चुकी हैं, जिससे युवाओं का सरकारी तंत्र पर विश्वास पुनः स्थापित हुआ है।”
कैबिनेट मंत्री ने नव-नियुक्त अधिकारियों से अपने दायित्वों का निर्वहन समर्पण, ईमानदारी और पेशेवर तरीके से करने का आह्वान किया तथा भूमि अभिलेख प्रशासन के आधुनिकीकरण और नागरिक-केंद्रित सेवाओं को और मज़बूत बनाने में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने अधिकारियों को पूरी ईमानदारी, समर्पण और लोकसेवा की भावना से कार्य करने तथा किसी भी प्रकार के भ्रामक प्रभाव या दबाव से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि एक महत्वपूर्ण जनसेवा व्यवस्था का हिस्सा होने के नाते उन्हें पूर्ण निष्ठा के साथ अपनी ज़िम्मेदारी निभानी चाहिए और राज्य सरकार के “रंगला पंजाब” के विज़न को साकार करने में सक्रिय भागीदार बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी अधिकारी की प्रतिष्ठा उसके व्यवहार और कर्तव्यनिष्ठा से बनती है, इसलिए सभी को उच्च पेशेवर मानकों को बनाए रखते हुए प्रत्येक ज़िम्मेदारी को ईमानदारी और जवाबदेही के साथ निभाना चाहिए।
अतिरिक्त मुख्य सचिव-सह-वित्त आयुक्त (राजस्व) अनुराग वर्मा ने नव-नियुक्त कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि उनका चयन बिना किसी सिफारिश या प्रभाव के केवल योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर किया गया है। उन्होंने कहा कि कृषि प्रधान राज्य होने के कारण पंजाब का भूमि एवं भूमि संबंधी सेवाओं से गहरा संबंध है, जिससे राजस्व विभाग में डीएसएम और एएसएम की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने बताया कि राज्यभर के भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जा चुका है और आधुनिक तकनीकी प्रणालियों के माध्यम से इन अभिलेखों का रखरखाव, अद्यतन और प्रबंधन मुख्य रूप से इन अधिकारियों की ज़िम्मेदारी होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नव-नियुक्त अधिकारी अपनी तकनीकी दक्षता, समर्पण और ईमानदारी के बल पर प्रभावी जनसेवाएं प्रदान करेंगे तथा राज्य की डिजिटल भूमि अभिलेख प्रबंधन प्रणाली को और सुदृढ़ बनाएंगे।
समारोह के दौरान विशेष सचिव-सह-डायरेक्टर लैंड रिकॉर्ड्स परमवीर सिंह सहित राजस्व विभाग, पंजाब लैंड रिकॉर्ड्स सोसायटी और डायरेक्टर लैंड रिकॉर्ड्स कार्यालय के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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