Mangaluru blast; Islamic outfit post surfaces on dark net says it stands behind terror suspect; warns of another attack-m.khaskhabar.com
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मंगलुरु विस्फोट: इस्लामिक संगठन ने ली जिम्मेदारी, एक और हमले की दी चेतावनी

khaskhabar.com : गुरुवार, 24 नवम्बर 2022 6:56 PM (IST)
मंगलुरु विस्फोट: इस्लामिक संगठन ने ली जिम्मेदारी, एक और हमले की दी चेतावनी
बेंगलुरू । अज्ञात इस्लामिक संगठन इस्लामिक रेजिस्टेंस काउंसिल (आईआरसी) ने गुरुवार को 19 नवंबर को मंगलुरु ऑटोरिक्शा में हुए विस्फोट की जिम्मेदारी ली इसके साथ ही एक और हमले की चेतावनी दी। संगठन ने एडीजीपी (कानून व्यवस्था) आलोक कुमार को भी चेतावनी दी है, जो मंगलुरु में तैनात हैं और विस्फोट मामले की जांच की निगरानी कर रहे हैं।

संगठन ने चेतावनी दी, आलोक कुमार आपकी खुशी थोड़े समय के लिए रहेगी। आप अपने प्रभुत्व के कृत्यों के लिए जल्द ही भुगतान करेंगे। पुलिस सूत्रों ने पुष्टि की है कि उन्होंने चेतावनी को गंभीरता से लिया है। इस संबंध में केंद्रीय एजेंसियों द्वारा जांच शुरू कर दी गई है। इस बीच, जांच से पता चला कि संदिग्ध आतंकवादी मोहम्मद शरीक मंगलुरु में कादरी मंजूनाथ स्वामी मंदिर 'लक्ष दीपोत्सव' कार्यक्रम में विस्फोट करने की योजना बना रहा था।

उन्होंने बताया- कुद्रोली में गोकर्णनाथेश्वर मंदिर और मंगलुरु में मंगलादेवी मंदिर भी उनके निशाने पर थे। उन्होंने कहा कि आरोपी ने अपनी पहचान छुपाने के लिए अपने मोबाइल पर हिंदू भगवान शिव की तस्वीर डिस्प्ले पिक्च र के रूप में लगा रखी थी। जांच से यह भी पता चला है कि धमाकों को अंजाम देने और हिंदू संगठनों पर आरोप लगाने और देश में हिंदू आतंकवाद पर बहस शुरू करने की साजिश रची गई थी।

इस्लामिक प्रतिरोध परिषद (आईआरसी) नाम के एक इस्लामिक संगठन द्वारा गुरुवार को मंगलुरु विस्फोट के संदिग्ध आतंकी का समर्थन करने वाली एक पोस्ट को डार्क नेट पर डाल दिया गया है। जांच एजेंसियों ने इस घटनाक्रम को गंभीरता से लिया है और आतंकी नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने के लिए अभियान तेज कर दिया है।

इस्लामिक रेसिस्टेंस काउंसिल की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मेंगलुरु ब्लास्ट के मामले में गिरफ्तार आतंकी संदिग्ध उनका भाई है। उन्होंने कहा, मंगलुरु भगवा आतंकवादियों का गढ़ बन गया है। हालांकि इस बार हमारे प्रयास विफल रहे हैं, हम राज्य और केंद्रीय जांच एजेंसियों को चकमा देकर एक और हमला करने के लिए तैयार होंगे।

बयान में यह भी कहा गया है- हमारे भाई का कादरी हिंदू मंदिर पर हमला करने का प्रयास विफल रहा है। यह हमला सफल नहीं हुआ। राज्य और केंद्रीय एजेंसियां हमारे भाइयों को गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही हैं। वह उनका पीछा कर रहे हैं। हालांकि, हम एजेंसियों के चंगुल से निकलने में सफल रहे हैं। भविष्य में, एक और हमला किया जाएगा।

ऑटोरिक्शा विस्फोट मामले को वैश्विक आतंकी साजिश का हिस्सा मानने वाली एजेंसियां अब इस्लामिक संगठन के दावे की पुष्टि कर रही हैं। पोस्ट अरबी भाषा में निकाली गई है। सूत्रों ने कहा कि प्रारंभिक जांच में इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन संगठन के अस्तित्व का पता चला है और इस्लामी प्रतिरोध परिषद का कोई इतिहास नहीं है। एजेंसियों को आईआरसी के कुछ लिंक आतंकी संगठन हमास से मिले हैं जो इराक, ईरान, सीरिया और अफगानिस्तान में सक्रिय है।

धमाका 19 नवंबर को एक ऑटोरिक्शा में हुआ था। कुकर बम को तटीय क्षेत्र और राज्य में सांप्रदायिक तनाव को भड़काने के लिए बड़े पैमाने पर हमले के लिए डिजाइन किया गया था। जांच से पता चला कि हमलावर ने शुरू में मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के कार्यक्रम को निशाना बनाया और बाद में आरएसएस से जुड़े संस्थानों में आयोजित बच्चों के उत्सव में विस्फोट करना चाहता था।

गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने घोषणा की है कि मामला जल्द ही एनआईए को सौंप दिया जाएगा।

--आईएएनएस

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