Major Negligence at Alwar District Hospital: Bodies of Two Elderly Men Swapped, Families Perform Wrong Funeral Rites-m.khaskhabar.com
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Jan 20, 2026 12:25 pm
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अलवर जिला अस्पताल में बड़ी लापरवाही: दो बुजुर्गों के शवों की अदला-बदली, परिजनों ने कर दिया अंतिम संस्कार

khaskhabar.com: मंगलवार, 09 दिसम्बर 2025 6:52 PM (IST)
अलवर जिला अस्पताल में बड़ी लापरवाही: दो बुजुर्गों के शवों की अदला-बदली, परिजनों ने कर दिया अंतिम संस्कार
अलवर। अलवर जिला अस्पताल में मंगलवार को एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उद्योग नगर और जीआरपी थाना क्षेत्रों से लाए गए दो बुजुर्गों के शवों की अदला-बदली हो गई, जिसके कारण परिजनों ने गलती से दूसरे व्यक्ति का अंतिम संस्कार कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार, उद्योग नगर थाना क्षेत्र की एक झोपड़ी से एक बुजुर्ग का शव मिला और उसे जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया। इसी समय जीआरपी थाना क्षेत्र से एक अन्य बुजुर्ग का शव भी मोर्चरी में लाया गया। पहचान के दौरान राजगढ़ थाना क्षेत्र के परिजन जिला अस्पताल पहुंचे और उन्होंने समझ लिया कि मिला हुआ शव उनका ही है। अस्पताल प्रशासन और पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया। इसके बाद परिजन ने मृतक का अंतिम संस्कार भी कर दिया। हालांकि, दो दिन बाद जीआरपी थाना पुलिस ने परिजनों को सूचना दी कि उनके परिजन का शव पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल में है। यह सुनकर परिजन स्तब्ध रह गए। उन्हें समझ में आया कि जिला अस्पताल ने उन्हें गलत शव सौंप दिया था। सूचना मिलते ही परिजन हरिद्वार में चल रही अंतिम यात्रा रोककर तुरंत अलवर जिला अस्पताल पहुंचे।
उद्योग नगर थाना प्रभारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक लगभग 50–52 साल से घर से बाहर रहकर काम करता था, इसलिए परिजन उसे पहचान नहीं पाए। वहीं, जीआरपी थाना प्रभारी अंजू महिंद्रा ने कहा कि “हम नियमित प्रक्रिया के तहत 72 घंटे बाद पोस्टमार्टम करवाते हैं और परिजनों को समय पर सूचना दी गई थी।”
परिजन अस्पताल प्रशासन की लापरवाही पर नाराज हैं। उनका कहना है कि शव की स्पष्ट पहचान के बाद ही इसे परिजनों को सौंपना चाहिए था। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिस व्यक्ति का अंतिम संस्कार उन्होंने किया, उसमें गरीब परिवार का पैसा भी खर्च हो गया—अब उसका नुकसान कौन भरेगा।
अस्पताल प्रशासन ने फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस नए सिरे से पोस्टमार्टम करवाने की प्रक्रिया में जुटी है। प्रशासन और अस्पताल की जिम्मेदारी के सवाल अब पूरे जिले की जनता के सामने हैं, और लोग जानना चाहते हैं कि इस गंभीर लापरवाही पर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।

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