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अलवर जिला अस्पताल में बड़ी लापरवाही: दो बुजुर्गों के शवों की अदला-बदली, परिजनों ने कर दिया अंतिम संस्कार

उद्योग नगर थाना प्रभारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि मृतक लगभग 50–52 साल से घर से बाहर रहकर काम करता था, इसलिए परिजन उसे पहचान नहीं पाए। वहीं, जीआरपी थाना प्रभारी अंजू महिंद्रा ने कहा कि “हम नियमित प्रक्रिया के तहत 72 घंटे बाद पोस्टमार्टम करवाते हैं और परिजनों को समय पर सूचना दी गई थी।”
परिजन अस्पताल प्रशासन की लापरवाही पर नाराज हैं। उनका कहना है कि शव की स्पष्ट पहचान के बाद ही इसे परिजनों को सौंपना चाहिए था। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिस व्यक्ति का अंतिम संस्कार उन्होंने किया, उसमें गरीब परिवार का पैसा भी खर्च हो गया—अब उसका नुकसान कौन भरेगा।
अस्पताल प्रशासन ने फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस नए सिरे से पोस्टमार्टम करवाने की प्रक्रिया में जुटी है। प्रशासन और अस्पताल की जिम्मेदारी के सवाल अब पूरे जिले की जनता के सामने हैं, और लोग जानना चाहते हैं कि इस गंभीर लापरवाही पर आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।
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