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अंता थाना पुलिस और डीएसटी की बड़ी कार्रवाई : वाहन गिरवी व खरीद-फरोख्त के नाम पर ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश

ऐसे देते थे ठगी को अंजाम
जांच में सामने आया कि गिरोह आर्थिक तंगी से जूझ रहे वाहन मालिकों से कम कीमत पर हस्ताक्षरयुक्त स्टाम्प, वाहन हस्तांतरण प्रपत्र (फॉर्म 29 और 30) तथा वाहन के दस्तावेज ले लेता था। इसके बाद उन्हीं वाहनों को अन्य लोगों के पास अधिक रकम लेकर गिरवी रख देता था।
बाद में वाहन की किश्तें जानबूझकर नहीं भरी जाती थीं, जिससे फाइनेंस कंपनी या वास्तविक मालिक वाहन जब्त कर लेते थे। इस तरह गिरवी रखने वाले व्यक्ति और वास्तविक वाहन स्वामी दोनों के साथ धोखाधड़ी कर गिरोह करोड़ों रुपये का अवैध लाभ कमाता था।
15 वाहनों से करोड़ों के लेन-देन का खुलासा
अन्ता थाना पुलिस और जिला विशेष टीम ने विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर आरोपी पिता भगवान प्रसाद गोस्वामी (51), उसके पुत्र शुभम (28), शिवम (30),संदीप (23) निवासी पिलिया थाना सदर एवं रवि उर्फ रंगीला रेगर (25) पुत्र सत्यनारायण निवासी रायथल थाना सीसवाली, जिला बारां को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 29 हस्ताक्षरयुक्त स्टाम्प, वाहन हस्तांतरण के फॉर्म 29 एवं 30 तथा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए।
प्रारंभिक जांच में करीब 15 वाहनों के माध्यम से करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन और धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। पुलिस ने 11 चार पहिया वाहन, 1 ट्रैक्टर-ट्रॉली और 3 मोटरसाइकिल जब्त की हैं।
गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी
गिरोह के अन्य सदस्यों और इस तरह के अन्य मामलों की भी गहन जांच की जा रही है। मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है। यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सौरभ तिवारी के सुपरविजन तथा वृत्ताधिकारी पुष्पेंद्र आढ़ा के निर्देशन में थाना प्रभारी भूपेश शर्मा और जिला विशेष टीम ने संयुक्त रूप से की।
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