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एलआईसी फर्जी चेक मनी लॉन्ड्रिंग मामला: ईडी ने समीर जोशी को दिलाई सजा, 3 साल 6 महीने की कठोर कैद

जांच में पता चला कि समीर जोशी ने विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से इस धोखाधड़ी से हासिल रकम प्राप्त की और बाद में उसे विभिन्न उद्देश्यों, जिनमें कारोबारी गतिविधियां भी शामिल हैं, में इस्तेमाल कर दिया।
ईडी की जांच के दौरान समीर जोशी से संबंधित 14 हजार रुपये की राशि को अपराध से अर्जित आय (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) के रूप में चिन्हित किया गया। इसके बाद ईडी ने 17 मार्च 2018 को अनंतिम कुर्की आदेश जारी कर उसकी पैतृक संपत्ति के मूल्य के बराबर 14 हजार रुपये की संपत्ति कुर्क की थी। बाद में 6 सितंबर 2018 को पीएमएलए के निर्णायक प्राधिकरण ने इस कुर्की की पुष्टि कर दी थी।
ईडी ने बताया कि अनुसूचित अपराध की सुनवाई कर रही सीबीआई की अदालत ने भी 7 अगस्त 2026 को समीर जोशी को दोषी ठहराते हुए एक साल नौ महीने की कैद और जुर्माने की सजा सुनाई थी। अदालत ने दोनों सजाएं साथ-साथ चलने का आदेश दिया था।
विशेष पीएमएलए अदालत ने समीर जोशी को दोषी ठहराने के साथ ही पीएमएलए की धारा 8(5) के तहत अपराध से अर्जित 14 हजार रुपये के बराबर कुर्क संपत्ति को केंद्र सरकार के पक्ष में जब्त करने का भी आदेश दिया है। ईडी ने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है।
--आईएएनएस
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