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खेड़ी तलवाना की बेटी ने किया गांव का नाम रोशन : रजनी की कहानी

रजनी ने कई प्रतियोगी परीक्षाओं में किस्मत आजमाई, लेकिन बार-बार असफलता का सामना करना पड़ा। हालांकि, उन्होंने कभी हार नहीं मानी। पारिवारिक स्थितियों को ध्यान में रखते हुए, उन्हें मेदांता अस्पताल, गुरुग्राम में भी काम करना पड़ा। फिलहाल, वे झज्जर की एक नर्सिंग कॉलेज में शिक्षिका हैं और पीएचडी एम्स प्रवेश परीक्षा की तैयारी भी कर रही हैं।
रजनी की सफलता ने साबित कर दिया है कि कठिनाइयाँ चाहे कितनी भी बड़ी हों, अगर मेहनत और लगन हो तो असंभव कुछ भी नहीं है। 16 सितंबर को, वे महाराष्ट्र के पुणे के पास स्थित खड़की में ज्वाइनिंग करेंगी, और यह उनके जीवन की एक नई शुरुआत होगी।
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