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कांशीराम जयंती : सामाजिक न्याय के पुरोधा को देशभर में नमन; लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन, मायावती ने दिया 'सत्ता की मास्टर चाबी' का मंत्र

khaskhabar.com: रविवार, 15 मार्च 2026 09:51 AM (IST)
कांशीराम जयंती : सामाजिक न्याय के पुरोधा को देशभर में नमन; लखनऊ में शक्ति प्रदर्शन, मायावती ने दिया 'सत्ता की मास्टर चाबी' का मंत्र
नई दिल्ली/लखनऊ | बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के संस्थापक और दलित-शोषित वर्ग की बुलंद आवाज मान्यवर कांशीराम की जयंती के अवसर पर आज देश भर में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष तक के तमाम बड़े नेताओं ने उनके सामाजिक योगदान को याद किया। लखनऊ के वीआईपी रोड स्थित कांशीराम स्मारक स्थल पर बसपा कार्यकर्ताओं का भारी हुजूम उमड़ा। योगी आदित्यनाथ (CM, यूपी): उन्होंने कांशीराम को 'सामाजिक न्याय का पुरोधा' बताते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन वंचितों के उत्थान और अधिकारों के लिए समर्पित रहा। मायावती (बसपा सुप्रीमो): सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देते हुए मायावती ने कार्यकर्ताओं से 'ईमानदार अंबेडकरवादी' बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कांशीराम ने बाबा साहेब के कारवां को सत्ता की मंजिल तक पहुँचाया।
मल्लिकार्जुन खड़गे (कांग्रेस अध्यक्ष): उन्होंने कांशीराम के संघर्ष को प्रेरणादायी बताते हुए कहा कि उन्होंने पिछड़ों को राजनीति की मुख्यधारा में सम्मानजनक स्थान दिलाया।
चंद्रशेखर आज़ाद (भीम आर्मी): उन्होंने कहा कि साहब ने 'सोती हुई कौम' को जगाने का ऐतिहासिक कार्य किया। आज उनकी पार्टी (ASP) का छठा स्थापना दिवस भी है।
मायावती का 'मिशन 2026' और बड़ा संदेश
बसपा प्रमुख ने अपने संबोधन में कार्यकर्ताओं को एकजुट होने का मंत्र दिया:
सत्ता की मास्टर चाबी: उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वोट की ताकत से सत्ता हासिल करें ताकि संविधान प्रदत्त अधिकारों को जमीन पर लागू किया जा सके।
विरोधियों पर निशाना: आकाश आनंद और मायावती ने कांग्रेस, भाजपा और सपा जैसी पार्टियों पर कांशीराम के विचारों को 'मरोड़ने' का आरोप लगाया और कार्यकर्ताओं को भ्रमित न होने की सलाह दी।
लखनऊ में भव्य कार्यक्रम
राजधानी लखनऊ में अवध और पूर्वांचल के हजारों कार्यकर्ता एकत्रित हुए। बसपा नेताओं के अनुसार, यह कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं है, बल्कि पार्टी के 'सामाजिक परिवर्तन और आर्थिक मुक्ति' आंदोलन को धार देने का एक संकल्प पर्व है।

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