International Gita Mahotsav: The diverse colors of folk culture from different states were displayed on the banks of Brahma Sarovar-m.khaskhabar.com
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अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव : ब्रह्मसरोवर के घाटों पर नजर आए विभिन्न राज्यों की लोक संस्कृति के अलग-अलग रंग

khaskhabar.com: रविवार, 16 नवम्बर 2025 4:23 PM (IST)
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव : ब्रह्मसरोवर के घाटों पर नजर आए विभिन्न राज्यों की लोक संस्कृति के अलग-अलग रंग
चण्डीगढ़। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव-2025 के पावन पर्व पर उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक कला केन्द्र की तरफ से विभिन्न राज्यों के कलाकार अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में पहुंच चुके है। यह कलाकार लगातार 5 दिसंबर 2025 तक अपनी लोक संस्कृति की छठा बिखेरने का काम करेंगे। इस महोत्सव पर आने के लिए देश का प्रत्येक कलाकार आतुर रहता है। पर्यटकों को फिर से ब्रह्मसरोवर के तट पर लोक संस्कृति को देखने का अवसर मिला है। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव पर रविवार को विभिन्न राज्यों की कला का संगम उमड़ा और विभिन्न राज्यों की कला के संगम के बीच कलाकार अपने-अपने राज्य की कला का बखूबी बखान किया। कलाकारों का कहना है कि आज के आधुनिक जमाने में भी उन्होंने अपनी कला को जिंदा रखा है, कला के माध्यम से ही आज वह भी जिंदा है और अपनी कला को विदेशों तक पहुंचा रहे है। विदेशों की धरती पर भी उनकी कला ने उनका नाम रोशन किया है। गीता महोत्सव में पहुंचे कलाकारों का कहना था कि अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव एक ऐसा जरिया है जहां पर जहां पर वह पहुंचकर अपनी कला का बखूबी मंचन करते है। विभिन्न राज्यों की अलग-अलग कलाकारों ने कहा कि अब वह फिर से गीता महोत्सव में पहुंचकर अपनी कला को आमजन को दिखाने का काम कर रहे है। ब्रह्मसरोवर के घाटों पर विभिन्न राज्यों की लोक संस्कृति के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे है। इन राज्यों के कलाकार अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव पर 5 दिसंबर तक लोगों को अपने-अपने प्रदेशों की लोक कला के साथ जोड़ने का प्रयास करेंगे।

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