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20 साल से सेवा दे रहे अध्यापकों पर टीईटी की अनिवार्यता थोपना अन्यायपूर्ण, सरकार तत्काल फैसला वापस ले: राव नरेंद्र सिंह

उन्होंने कहा कि शिक्षकों पर नियम लागू करने से पहले सरकार को उनके लंबे सेवाकाल, नियुक्ति की परिस्थितियों और व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखना चाहिए। केंद्र सरकार के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने भी 2009 के RTE कानून से पहले नियुक्त और 1 सितंबर 2025 को जिन शिक्षकों की पांच वर्ष से कम सेवा शेष थी, उन्हें TET के बिना सेवानिवृत्ति तक सेवा जारी रखने की अनुमति दी है, हालांकि ऐसे शिक्षक TET हासिल किए बिना पदोन्नति के पात्र नहीं होंगे।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की भावना और शिक्षकों की वास्तविक परिस्थितियों के बीच संतुलन बनाते हुए मानवीय और व्यावहारिक समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि लंबे समय से सेवा दे रहे अध्यापकों के हितों की रक्षा के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाए जाएं और इस संबंध में स्पष्ट नीति बनाई जाए।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के शिक्षक केवल कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं। दशकों तक सेवाएं देने वाले शिक्षकों को अनिश्चितता में डालने के बजाय सरकार को उनके अनुभव और सेवाकाल का सम्मान करते हुए समाधान निकालना चाहिए।
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