Honoring Mewar Legacy of Valor: Army Chief General Upendra Dwivedi Honors Dr. Lakshyaraj Singh Mewar with Special Military Award-m.khaskhabar.com
×
khaskhabar
Feb 16, 2026 1:51 am
Location
 
   राजस्थान, हरियाणा और पंजाब सरकार से विज्ञापनों के लिए मान्यता प्राप्त
Advertisement

मेवाड़ की शौर्य परंपरा का सम्मान : सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ को विशेष सैन्य पुरस्कार से नवाजा

khaskhabar.com: शनिवार, 17 जनवरी 2026 1:10 PM (IST)
मेवाड़ की शौर्य परंपरा का सम्मान : सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ को विशेष सैन्य पुरस्कार से नवाजा
उदयपुर। भारतीय सेना प्रमुख (Chief of Army Staff) जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शुक्रवार को मेवाड़ पूर्व राजपरिवार के सदस्य डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ को समाज सेवा और राष्ट्र सेवा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए विशेष पुरस्कार से सम्मानित किया। यह सम्मान मेवाड़ की ऐतिहासिक वीरता और आधुनिक समाज सेवा के अद्भुत संगम को दर्शाता है। इन कार्यों के लिए मिला सम्मान : चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ ने डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ को यह विशेष पुरस्कार निम्नलिखित पुनीत कार्यों के लिए प्रदान किया है: सेना को सहयोग : कोविड-19 जैसी विषम परिस्थितियों के दौरान भारतीय सेना को दो हाईटेक एंबुलेंस भेंट करना।
विश्व रिकॉर्ड : समाज सेवा, शिक्षा, महिला स्वच्छता प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में 9 गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स स्थापित करना।
निरंतर सेवा : चिकित्सा और महिला शिक्षा के क्षेत्र में सेना और समाज के प्रति सदैव समर्पित रहना।
मेवाड़ और सेना का अटूट रिश्ता : सम्मान ग्रहण करने के बाद डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने सेना प्रमुख का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह मेवाड़ के लिए गर्व का विषय है कि महाराणा प्रताप की शौर्य परंपरा आज भी भारतीय सेना की 9वीं बटालियन 'द ग्रेनेडियर्स (मेवाड़)' के रूप में जीवंत है।
उन्होंने आगे कहा, "मेवाड़ राजघराने और इस बटालियन के बीच ऐतिहासिक और भावनात्मक रिश्ता अनूठा है। महाराणा प्रताप की वीरता से प्रेरित यह बटालियन अपने अनुशासन और बलिदान के लिए जानी जाती है, जो पूरे राजस्थान के लिए गौरव की बात है।"
एक अनूठा उदाहरण : यह सम्मान न केवल डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की व्यक्तिगत उपलब्धियों को पहचान देता है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि पूर्व राजपरिवार आज भी राष्ट्र रक्षा और जन सेवा के कार्यों में सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

Advertisement
Khaskhabar.com Facebook Page:
Advertisement
Advertisement