Hindmetal : First Company to Adopt Advanced Electromagnetic Technology for Mineral Exploration in India-m.khaskhabar.com
×
khaskhabar
Sep 14, 2026 10:32 am
Location
 
   राजस्थान और हरियाणा सरकार से विज्ञापनों के लिए मान्यता प्राप्त
Advertisement

हिन्दमेटल : भारत में खनिज अन्वेषण के लिए उन्नत इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तकनीक अपनाने वाली पहली कंपनी

khaskhabar.com: बुधवार, 06 अगस्त 2025 7:12 PM (IST)
हिन्दमेटल : भारत में खनिज अन्वेषण के लिए उन्नत इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तकनीक अपनाने वाली पहली कंपनी
उदयपुर। हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी हिन्दमेटल एक्सप्लोरेशन सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (HESPL) ने खनिज अन्वेषण के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की है। कंपनी ने उन्नत इलेक्ट्रोमैग्नेटिक (EM) तकनीक को लागू कर भारत में इस तकनीक के उपयोग की शुरुआत की है। यह तकनीक जमीन के भीतर खनिजों का पता लगाने के लिए दो प्रमुख तरीकों का इस्तेमाल करती है — बोरहोल ईएम और स्क्विड सेंसर। बोरहोल ईएम सल्फाइड जमा जैसे प्रवाहकीय अयस्क पिंडों की आकृति और चालकता की उच्च-रिज़ॉल्यूशन जानकारी प्रदान करता है, जबकि सतह पर लगाए जाने वाले स्क्विड सेंसर बेहद कमजोर विद्युत-चुंबकीय संकेतों को भी पकड़ने में सक्षम हैं। इससे कम चालकता वाले या गहराई में दबे खनिज लक्ष्यों की पहचान करना आसान हो जाता है। एचईएसपीएल इस तकनीक के साथ-साथ लिडार और हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग से लैस ड्रोन का भी इस्तेमाल कर रही है, जो बड़े क्षेत्रों का उच्च-रिज़ॉल्यूशन नक्शा तैयार करने में मदद करते हैं। कंपनी ज्ञात खनन क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रीनफील्ड अन्वेषण पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है, ताकि नए खनिज क्षेत्रों की पहचान की जा सके।
इसके लिए भूवैज्ञानिक, भूभौतिकीय, भू-रासायनिक और उपग्रह चित्रों जैसे विभिन्न डेटा सेट को एकीकृत कर एआई और मशीन लर्निंग मॉडल से विश्लेषण किया जा रहा है। इस प्रक्रिया से अन्वेषण कार्य अधिक सटीक, तेज और किफायती बनता है।
हिन्दुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा,
“खनिज अन्वेषण का भविष्य विज्ञान और स्मार्ट टेक्नोलॉजी के संगम पर निर्भर करता है। हम डिजिटल इनोवेशन को बढ़ावा देने, अपने लोगों को सशक्त बनाने और उभरते तकनीकी स्टार्टअप्स के साथ साझेदारी करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हिन्दमेटल की उपलब्धियां केवल खोज के मील के पत्थर नहीं हैं, बल्कि यह भारत की महत्वपूर्ण खनिजों में रणनीतिक स्वायत्तता को भी मजबूत करती हैं।”
दो दशकों से अधिक समय से बेस मेटल अन्वेषण में विशेषज्ञता रखने वाली हिन्दमेटल, भूविज्ञान, भूभौतिकी, रिमोट सेंसिंग, जीआईएस और ड्रिलिंग में विशेषज्ञ टीम के साथ काम करती है। कंपनी को क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया - नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर एजुकेशन एंड ट्रेनिंग से प्रमाणन प्राप्त है, जिसके तहत इसे भारत सरकार के दिशानिर्देशों में ए श्रेणी अन्वेषण एजेंसी का दर्जा हासिल है।
एचईएसपीएल का लक्ष्य है कि तकनीक, प्रतिभा और डेटा इंटेलिजेंस के संयोजन से भारत के खनिज संसाधनों की छिपी हुई क्षमता को उजागर किया जाए और देश के लिए खनन का एक टिकाऊ भविष्य तैयार किया जाए।

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

Advertisement
Khaskhabar.com Facebook Page:
Advertisement
Advertisement