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हिन्दमेटल : भारत में खनिज अन्वेषण के लिए उन्नत इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तकनीक अपनाने वाली पहली कंपनी

इसके लिए भूवैज्ञानिक, भूभौतिकीय, भू-रासायनिक और उपग्रह चित्रों जैसे विभिन्न डेटा सेट को एकीकृत कर एआई और मशीन लर्निंग मॉडल से विश्लेषण किया जा रहा है। इस प्रक्रिया से अन्वेषण कार्य अधिक सटीक, तेज और किफायती बनता है।
हिन्दुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा,
“खनिज अन्वेषण का भविष्य विज्ञान और स्मार्ट टेक्नोलॉजी के संगम पर निर्भर करता है। हम डिजिटल इनोवेशन को बढ़ावा देने, अपने लोगों को सशक्त बनाने और उभरते तकनीकी स्टार्टअप्स के साथ साझेदारी करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हिन्दमेटल की उपलब्धियां केवल खोज के मील के पत्थर नहीं हैं, बल्कि यह भारत की महत्वपूर्ण खनिजों में रणनीतिक स्वायत्तता को भी मजबूत करती हैं।”
दो दशकों से अधिक समय से बेस मेटल अन्वेषण में विशेषज्ञता रखने वाली हिन्दमेटल, भूविज्ञान, भूभौतिकी, रिमोट सेंसिंग, जीआईएस और ड्रिलिंग में विशेषज्ञ टीम के साथ काम करती है। कंपनी को क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया - नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर एजुकेशन एंड ट्रेनिंग से प्रमाणन प्राप्त है, जिसके तहत इसे भारत सरकार के दिशानिर्देशों में ए श्रेणी अन्वेषण एजेंसी का दर्जा हासिल है।
एचईएसपीएल का लक्ष्य है कि तकनीक, प्रतिभा और डेटा इंटेलिजेंस के संयोजन से भारत के खनिज संसाधनों की छिपी हुई क्षमता को उजागर किया जाए और देश के लिए खनन का एक टिकाऊ भविष्य तैयार किया जाए।
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