Hakimuddin Shah Urs concluded with the Sandal Poshi ceremony: Qawwals performed at Mehfil-e-Rang-m.khaskhabar.com
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संदल पोशी की रस्म के साथ हकीमुद्दीन शाह का उर्स : महफिले रंग में दी कव्वालों ने प्रस्तुति

khaskhabar.com: सोमवार, 10 नवम्बर 2025 6:01 PM (IST)
संदल पोशी की रस्म के साथ हकीमुद्दीन शाह का उर्स : महफिले रंग में दी कव्वालों ने प्रस्तुति
दौसा। मुर्शिद नगर में हज़रत ख़्वाजा सूफ़ी हकीमुद्दीन शाह का 42वां उर्स सोमवार को संदल पोशी की रस्म के साथ संपन्न हो गया। समापन के दौरान दरगाह परिसर में जायरीनों का सैलाब उमड़ पड़ा। इससे पूर्व सूफ़ी नवाजुद्दीन व सूफ़ी बाबू जलालुद्दीन के घर से संदल का जुलूस रवाना होकर शेखान मोहल्ले में स्थित महफ़िल खाने में पहुँचा। जहाँ पर कव्वाली का प्रोग्राम हुआ। इसके बाद संदल शरीफ़ का जुलूस शहर में घूमता हुआ दरगाह शरीफ़ पहुंचा। जहां दरगाह के सज्जादानशीन सूफ़ी इक़बाल अहमद शाह की मौजूदगी में संदलपोशी की रस्म अदा की गई। संदलपोशी के बाद महफिले रंग में फनकारों ने ख़्वाजा सूफ़ी हकीमुद्दीन शाह की शान में एक से बढ़कर एक कलाम पेश किये। महफिल के बाद दुआ हुई। इस दौरान महफिल में हज़ारों जायरीन शामिल हुए जायरीनों ने ख़्वाजा हकीम की चौखट पर अकीदत का नजराना पेश कर देश में अमन–चैन, खुशहाली, शांति व भाईचारा की दुआ मांगी। उर्स परंपरागत तरीके से मनाया गया जिसमें हिंदू–मुस्लिम भाईचारे की मिसाल पेश की गई और उर्स सकुशल अपने समय के अनुसार संपन्न हुआ।
लोगों ने जमकर की खरीदारी
उर्स के दौरान चार दिन से दरगाह परिसर में लगी चादर, फूल–माला, अगरबत्ती सहित सौंदर्य की दुकानों पर जमकर खरीदारी हुई। बच्चों के खिलौने, गुब्बारे, झूले–चकरी व चाट–पकौड़ी, चाय–पान की दुकानों पर भीड़ रही। बिक्री से दुकानदारों के चेहरे भी खिल उठे। उर्स में देश से पहुंचें अकीदतमंद समापन के बाद अगले साल उर्स में वापस लौटने की दुआ की।

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