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अगर कोविड न होता तो जीएसटी सुधार बहुत पहले हो चुके होते: कृष्ण बेदी

कृष्ण बेदी ने सरकार ने जीएसटी सुधार का फैसला किसी के दबाव में नहीं लिया है। यह फैसला आम जनता के हित को देखते हुए लिया गया है। सरकार ने उन चीजों पर ज्यादा टैक्स लगाया है जो आम जनमानस के हित में नहीं हैं।
कांग्रेस जीएसटी लागू नहीं कर सकी तो वह वैट लगाती थी। वैट में पारदर्शिता का अभाव था। कांग्रेस जीएसटी काउंसिल की बैठक में समर्थन करती है, लेकिन बाहर निकलने के बाद विरोध करना शुरू कर देती है।
हरियाणा सरकार के मंत्री ने कहा कि अब जीएसटी के केवल दो स्लैब 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत रह गए हैं। इस बदलाव का सीधा लाभ उपभोक्ताओं को मिलेगा। कार, टू-व्हीलर, फ्रिज, एसी और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी वस्तुएं सस्ती होंगी। सीमेंट और निर्माण सामग्री पर टैक्स घटने से घर बनाने की लागत कम होगी।
वहीं, आयुर्वेदिक और रोजमर्रा की उपभोग की वस्तुएं आमजन की पहुंच में होंगी। व्यापार और उद्योग जगत के लिए भी यह सुधार महत्वपूर्ण है।
--आईएएनएस
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