Greater Noida fire: Production at factory halted immediately, joint investigation reveals serious safety lapses-m.khaskhabar.com
×
khaskhabar
Sep 9, 2026 12:01 am
Location
 
   राजस्थान और हरियाणा सरकार से विज्ञापनों के लिए मान्यता प्राप्त
Advertisement

ग्रेटर नोएडा अग्निकांड : फैक्ट्री में उत्पादन पर तत्काल रोक, संयुक्त जांच में सामने आईं गंभीर सुरक्षा खामियां

khaskhabar.com: मंगलवार, 04 अगस्त 2026 6:36 PM (IST)
ग्रेटर नोएडा अग्निकांड : फैक्ट्री में उत्पादन पर तत्काल रोक, संयुक्त जांच में सामने आईं गंभीर सुरक्षा खामियां
खास खबर। ग्रेटर नोएडा ग्रेटर नोएडा के इकोटेक एक्सटेंशन-3 स्थित आई एलजीआईएन इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में मंगलवार को हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए क्षतिग्रस्त कारखाने में उत्पादन और मशीनों के संचालन पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। यह कार्रवाई सहायक निदेशक कारखाना एवं श्रम प्रवर्तन अधिकारियों की संयुक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है।
संयुक्त जांच दल ने घटनास्थल का विस्तृत निरीक्षण किया, फैक्ट्री प्रबंधन और कर्मचारियों से पूछताछ की, फैक्ट्री हेड का लिखित बयान दर्ज किया तथा भवन और मशीनरी की तकनीकी स्थिति का परीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि तड़के करीब 3:10 बजे फैक्ट्री की पहली मंजिल पर स्थित एजिंग टेस्टिंग एरिया में आग लगी थी। आग लगते ही प्रबंधन ने कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला और अग्निशमन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद दमकल की टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया।
जांच में पाया गया कि आग की भीषण गर्मी से पहली मंजिल पर लगी पीयूएफ रूफिंग, स्टील ट्रस, स्टील बीम, कॉलम और अन्य संरचनात्मक हिस्सों को गंभीर क्षति पहुंची। अत्यधिक तापमान और आग बुझाने के दौरान बड़ी मात्रा में पानी के इस्तेमाल से स्टील संरचना पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा, जिससे भवन की भार वहन क्षमता कमजोर होने की आशंका जताई गई है। इसी दौरान फैक्ट्री की बाहरी ईंट की दीवार भरभराकर गिर गई, जिसकी चपेट में आकर आग बुझा रहे अग्निशमन विभाग के दो कर्मचारियों की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं, तीन अन्य दमकल कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका उपचार जारी है।
फैक्ट्री के कर्मचारी त्रिभुवन तिवारी भी गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि भवन में धुएं की निकासी की प्रभावी व्यवस्था नहीं थी। पहली मंजिल से लगातार पानी रिसकर भूतल और बेसमेंट तक पहुंच गया, जिससे विद्युत पैनल, केबल, पीएलसी, सर्वो ड्राइव और अन्य इलेक्ट्रॉनिक नियंत्रण प्रणालियों के प्रभावित होने की संभावना पाई गई।
अधिकारियों ने आशंका जताई कि मौजूदा स्थिति में मशीनों के संचालन से उत्पन्न कंपन भवन के आंशिक या पूर्ण रूप से ढहने का कारण बन सकते हैं। साथ ही दोबारा आग लगने, विद्युत हादसे या अन्य औद्योगिक दुर्घटनाओं का भी गंभीर खतरा बना हुआ है। इन सभी तथ्यों, दो अग्निशमन कर्मियों की मौत, घायलों की स्थिति और मानव जीवन पर मंडरा रहे गंभीर खतरे को देखते हुए कारखाना अधिनियम, 1948 की धारा 40(2) के तहत फैक्ट्री के क्षतिग्रस्त भवन, मशीनरी, विद्युत प्रणाली और सभी उत्पादन गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
प्रशासन ने फैक्ट्री प्रबंधन को निर्देश दिए हैं कि किसी मान्यता प्राप्त विशेषज्ञ संस्था से स्ट्रक्चरल ऑडिट, मशीन रिस्क असेसमेंट, फायर रिस्क असेसमेंट, इलेक्ट्रिकल सेफ्टी असेसमेंट, एनडीटी परीक्षण, फाउंडेशन एनालिसिस, फ्लोर लोड टेस्ट और सिस्मिक एनालिसिस सहित सभी आवश्यक सुरक्षा परीक्षण कराए जाएं।
इन परीक्षणों की रिपोर्ट और सुरक्षा संबंधी सभी अनुशंसाओं के अनुपालन के बाद सक्षम प्राधिकारी से अनुमति मिलने पर ही फैक्ट्री में दोबारा उत्पादन शुरू किया जा सकेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि इस आदेश या इसके किसी भी प्रावधान का उल्लंघन किया गया तो कारखाना प्रबंधन और दखलकार के विरुद्ध कारखाना अधिनियम, 1948 की संबंधित धाराओं के तहत सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। -आईएएनएस

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

Advertisement
Khaskhabar.com Facebook Page:
Advertisement
Advertisement