Grand Shrimad Bhagwat Gyan Saptah and Recitation of 108 Original Bhagwat Texts to Begin Tomorrow at Ramdwara-m.khaskhabar.com
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रामद्वारा में श्रीमद् भागवत ज्ञान सप्ताह एवं 108 मूल भागवत पाठ का भव्य आयोजन कल से

khaskhabar.com: शनिवार, 12 सितम्बर 2026 5:27 PM (IST)
रामद्वारा में श्रीमद् भागवत ज्ञान सप्ताह एवं 108 मूल भागवत पाठ का भव्य आयोजन कल से
भागवत भक्ति, भक्त व भगवान पर चर्चा एवं जीवन दर्शन पर प्रवचन होंगे जीवन में आत्म आनंद की प्राप्ति का माध्यम राम का नाम-आचार्य रामदयालजी महाराज भीलवाड़ा। रामस्नेही सम्प्रदाय की सृजन धरा भीलवाड़ा के माणिक्यनगर स्थित रामद्वारा में अन्तरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय शाहपुरा के पीठाघीश्वर जगतगुरू आचार्य स्वामी श्रीरामदयालजी महाराज के सानिध्य में ‘‘विश्व शांति कल्याण’’ चातुर्मास के तहत रविवार 13 सितम्बर से 20 सितम्बर तक विराट श्रीमद् भागवत ज्ञान सप्ताह का आयोजन होने जा रहा है। इसमें भागवत भक्ति, भक्त व भगवान पर चर्चा एवं जीवन दर्शन पर प्रवचन होंगे। इस दौरान 108 भागवत मूल पाठ का एतिहासिक आयोजन भी होगा।
पुष्कर से आने वाले 108 वेद पाठी विद्धान पंडित भागवत का मूल पाठ करेंगे। इन 108 भागवत का पूजन 108 यजमान परिवार करेंगे। इस सप्ताह में प्रतिदिन सुबह 8.30 से 10.30 बजे तक एवं दोपहर 2 से 4 बजे तक श्रीमद् भागवत कथा एवं सुबह 10.30 बजे से 11.30 बजे तक एवं शाम को 4 से 5 बजे तक श्रीवाणीजी का प्रवचन होगा। वाणीजी का प्रवचन आचार्य श्री रामदयालजी महाराज के मुखारबिंद से होगा। श्रीमद् भागवत कथा का वाचन संत मनोरथराम रामजी राम मचलाना द्वारा किया जाएगा। इस आयोजन में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु भीलवाड़ा पहुंच रहे है।
आचार्य रामदयाल महाराज ने शनिवार को सत्संग में बताया कि चातुर्मास कमेटी ने इस आयोजन को लेकर व्यापक तैयारियां की है। ये आयोजन धर्म एवं भक्ति का नया इतिहास रचेगा ऐसा विश्वास है। रविवार सुबह 7 से 8 बजे तक 108 मूल भागवत का पूजन होगा। इसमें जजमान भी मौजूद रहेंगे। सुबह 9 बजे श्रीमद् भागवत के व्यास पीठ पर आने के साथ श्रीमद् भागवत ज्ञान सप्ताह का विधिवत आगाज होगा। जहां मूल भागवत पाठ चलेगा वहां बाहर से ही अन्य लोग दर्शन कर सकेंगे। अमरीका सहित दुनिया के कई देशों में रहने वाले श्रद्धालुओं की भावना के अनुरूप मूल भागवत के वर्चुअल पूजन की व्यवस्था भी की गई है। ऐसे श्रद्धालुओं के लिए ऑनलाइन पूजन भी चलेगा।
सत्संग में आचार्य रामदयाल महाराज ने कहा कि हम दुनिया से अपेक्षा रखते है पर खुद धर्म की पालना नहीं करते है। शिष्य अपने गुरू धर्म का त्याग कर दे तो ये कलयुग का प्रभाव है। कलिकाल का प्रभाव हर तरफ देखने में आ रहा है। पेट भरने के लिए अक्ल सब लगाते पर आत्मानंद के लिए स्वामी रामचरण महाराज ने राम नाम का साधन बताया है। परमात्मा की कृपा जिस पर हो जाती है वह अपनी अक्ल का उपयोग भक्ति एवं सेवा में करता है। ऐसे भक्त का जीवन सार्थक हो जाता है। सत्संग के दौरान आचार्यश्री ने नित्य गुरू वाणी नामक पुस्तक का विमोचन करते हुए प्रतिदिन श्रद्धा भक्ति से पाठ करने की प्रेरणा प्रदान की। उन्होंने चातुर्मासिक आयोजन के लाइव प्रसारण के लिए स्केनर कोड का विमोचन भी किया।

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