Advertisement
सरकार सिर्फ किरोड़ी की नहीं, 6-7 मंत्रियों की जांच कराए, मानेसर कांड में हुई थी कांग्रेस विधायकों की खरीद-फरोख्त : हनुमान बेनीवाल

भाजपा के साथ-साथ हनुमान बेनीवाल ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर भी करारा वार किया। साल 2020 के बहुचर्चित 'मानेसर घटनाक्रम' का जिक्र करते हुए आरएलपी सांसद ने दावा किया कि उस दौरान राजस्थान में कांग्रेस सरकार बचाने के लिए विधायकों की बड़े पैमाने पर खरीद-फरोख्त (हॉर्स ट्रेडिंग) हुई थी।
बेनीवाल ने कहा, "उस समय हमारी पार्टी के तीन विधायक थे और हम खुद एनडीए के साथ थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी सरकार बचाने के लिए हर संभव राजनीतिक जतन किए, जिसके बाद कई विधायकों ने पाला बदला और वे गहलोत खेमे में चले गए थे।"
नीट (NEET) परीक्षा के कारण भरतपुर रैली स्थगित, जल्द आएगी नई तारीख
अपने बयानों के साथ ही हनुमान बेनीवाल ने आरएलपी की आगामी रणनीति और संगठन की गतिविधियों को लेकर भी एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि आगामी 21 जून को भरतपुर में आयोजित होने वाली आरएलपी की विशाल जनसभा को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
युवाओं के हित में फैसला: बेनीवाल ने कहा कि जून के इसी पखवाड़े में नीट (NEET) की परीक्षाएं आयोजित होनी हैं। परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को किसी भी प्रकार की असुविधा या जाम का सामना न करना पड़े, इसलिए पार्टी ने संवेदनशील रुख अपनाते हुए रैली को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।
आरएलपी सांसद ने साफ किया कि इस रैली को रद्द नहीं बल्कि केवल स्थगित किया गया है। पार्टी जल्द ही नई तारीख तय कर इसकी घोषणा करेगी, जिसमें बड़ी संख्या में आमजन और युवा शामिल होकर प्रदेश के विभिन्न मुद्दों पर आवाज बुलंद करेंगे।
राजस्थान की सियासत में बेनीवाल के इस बयान को एक नए फ्रंट के रूप में देखा जा रहा है। एक तरफ जहां वे भाजपा सरकार के कैबिनेट मंत्रियों को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पूर्ववर्ती गहलोत सरकार के कार्यकाल के सियासी संकट को उजागर कर कांग्रेस को भी बैकफुट पर धकेलने की रणनीति अपना रहे हैं।
ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे
Advertisement
जयपुर
Advertisement
राजस्थान से
सर्वाधिक पढ़ी गई
Advertisement
Traffic
Features



