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अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की साधारण सभा : रमेश चंद्र पुष्करणा पुनः प्रदेश अध्यक्ष और महेंद्र कुमार लखारा महामंत्री निर्वाचित

10 दिन में रिकॉर्ड 2.79 लाख से अधिक सदस्यता का बना कीर्तिमान
उद्घाटन सत्र में मां सरस्वती और मां भारती के चित्रों पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन के बाद अतिथियों का स्वागत किया गया। इसके बाद सांगठनिक रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा ने बताया कि इस सत्र में संगठन ने सदस्यता का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। कार्यकर्ताओं के अथक प्रयास से मात्र 10 दिनों के भीतर राजस्थान के लगभग सभी विद्यालयों तक पहुंच बनाकर रिकॉर्ड 2,79,472 शिक्षकों को संगठन से जोड़ा गया है, जो अब तक की सर्वाधिक सदस्यता है। इसके लिए उन्होंने सभी स्तर के कार्यकर्ताओं का आभार जताया।
प्रमुख आगामी योजनाएं और 18 जून का प्रदेशव्यापी आंदोलन
प्रदेश महामंत्री महेंद्र कुमार लखारा ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए संगठन के आगामी कार्यक्रमों और शिक्षक हितों के लिए किए जाने वाले संघर्षों की रूपरेखा साझा की:
टेट (TET) अनिवार्यता का विरोध: सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता के निर्णय के विरोध में संगठन द्वारा आगामी 18 जून को ब्लॉक व जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन कर सरकार को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया है।
संगठनात्मक कार्यशाला: कैलेंडर के अनुसार 'कर्तव्य बोध दिवस', 'समरसता कार्यक्रम' और 'गुरु वंदन' जैसे आयोजनों को प्रभावी बनाने के लिए 28 जून को अजमेर में प्रदेश स्तरीय कार्यशाला आयोजित होगी।
संत रविदास जयंती: समाज में समरसता का संदेश देने के लिए खंड और जिला स्तर पर संत शिरोमणि रविदास जी की 650वीं जयंती के तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
पर्यावरण संरक्षण: 'एक शिक्षक, एक वृक्ष' योजना का प्रदेशभर के विद्यालयों में प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जाएगा।
विद्यार्थी को केंद्र में रखकर कार्य करें शिक्षक: संघ प्रचारक निंबाराम
द्वितीय व तृतीय सत्र में राष्ट्रीय अतिरिक्त महामंत्री मोहन जी पुरोहित और महिला उपाध्यक्ष सुषमा बिश्नोई ने विचार रखे। अपने मुख्य उद्बोधन में आरएसएस के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षक का व्यक्तित्व और कृतित्व समाज को प्रेरणा देने वाला होना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रहित में संघ के पांच परिवर्तनों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि संगठन के प्रत्येक कार्यकर्ता को शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, लोक कल्याण, सात्विक प्रेम, धर्म-संस्कृति की रक्षा और समर्पण भाव पर विशेष ध्यान देना चाहिए। वहीं मोहन जी पुरोहित ने कहा कि हमारा संगठन किसी व्यक्ति को नहीं बल्कि विचार को लेकर चलता है, जहां विद्यार्थी को केंद्र में रखकर शिक्षा एवं शिक्षक हितों की बात की जाती है।
आगामी तीन सत्रों के लिए नवनिर्वाचित प्रादेशिक पदाधिकारी
निर्वाचन अधिकारी व क्षेत्रीय कार्यकारिणी सदस्य उमराव लाल वर्मा की देखरेख में पुरानी कार्यकारिणी को भंग कर सर्वसम्मति से नई टीम की घोषणा की गई:
मुख्य पदाधिकारी: रमेश चंद्र पुष्करणा (प्रदेश अध्यक्ष), संपत सिंह (वरिष्ठ उपाध्यक्ष), महेंद्र कुमार लखारा (प्रदेश महामंत्री), कैलाश चंद्र कच्छावा (कोषाध्यक्ष) एवं लक्ष्मी स्वामी (महिला उपाध्यक्ष)।
केंद्रीय टोली व संभाग प्रभारी: सुषमा बिश्नोई (सह संगठन मंत्री), उमराव लाल वर्मा (प्रदेश संगठन मंत्री) सहित अजमेर से भंवर सिंह राठौड़, बांसवाड़ा से बलवंत बामणिया, भरतपुर से रामनरेश सिंह, बीकानेर से अतर सिंह, चूरू से श्याम स्वामी, जयपुर से अर्जुन सिंह जाट, जोधपुर से संजीव व्यास, कोटा से पूरणमल नगर, पाली से शैतान सिंह राठौड़ और उदयपुर से पूरणमल लोहार को संभाग उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अन्य घोषणाएं: ऋषिन चौबीसा (उपाध्यक्ष माध्यमिक शिक्षा), अभय सिंह राठौड़ (उपाध्यक्ष संस्कृत शिक्षा), बसंत जिंदल (अतिरिक्त महामंत्री), अमरजीत सिंह (प्रदेश मंत्री), गीता जैलिया (प्रदेश महिला मंत्री), रवि आचार्य (सचिव माध्यमिक) तथा सह संगठन मंत्री के रूप में नरेश सोलंकी (जोधपुर), जयराम जाट (जयपुर) व कैलाश सुथार (चित्तौड़गढ़) के नामों की घोषणा की गई।
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