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कानपुर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, ग्रामीण सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे

उन्होंने कहा कि परिणामस्वरूप, हमारे मुख्य क्षेत्र के कुछ गांव प्रभावित हुए हैं, और इनमें से कुछ गांवों में पानी घुस गया है। परिणामस्वरूप, कुछ परिवार हमारे राहत शिविरों में आ गए हैं, जो अब पूरी तरह से कार्यात्मक हैं।
बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। सीएमओ और तहसील की टीमें चौबीसों घंटे काम कर रही हैं ताकि ग्रामीणों को हरसंभव मदद मिल सके। बाढ़ को देखते हुए 34 चौकी बनाई गई है।
उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं, जिसमें पीने का साफ पानी, भोजन, रहने के लिए सुरक्षित जगह, बायो टॉयलेट और पशुओं के लिए चारा और आश्रय शामिल है।
एडीएम ने ग्रामीणों से अपील की है कि अगर उन्हें किसी भी चीज की कमी महसूस हो, तो वे मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क करें ताकि उनकी समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके। बाढ़ राहत चौकियों पर अधिकारी और बचाव दल लगातार तैनात हैं।
वहीं प्रशासन द्वारा प्रभावित इलाकों की निगरानी ट्रैक्टर, नावों और स्टीमर बोट से लगातार की जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
प्रशासन का कहना है कि वे हर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और लोगों को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
--आईएएनएस
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