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khaskhabar.com: गुरुवार, 23 अक्टूबर 2025 7:55 PM (IST)
शिमला। चंडीगढ़ के पूर्व सांसद और वर्तमान में भारत सरकार के एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन ने गुरुवार को शिमला में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब सत्यपाल जैन हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय में एक महत्वपूर्ण कानूनी मामले की पैरवी के सिलसिले में शिमला में मौजूद हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सत्यपाल जैन इन दिनों हिमाचल हाईकोर्ट में राज्यसभा चुनाव से जुड़े एक मामले की पैरवी कर रहे हैं। यह मामला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें कांग्रेस उम्मीदवार मनु सिंघवी द्वारा दायर की गई याचिका शामिल है। सिंघवी ने राज्यसभा चुनाव में अप्रत्याशित हार का सामना करने के बाद हाईकोर्ट में इस चुनाव परिणाम को चुनौती दी थी।
सत्यपाल जैन, जो स्वयं एक अनुभवी संवैधानिक विशेषज्ञ और वरिष्ठ अधिवक्ता हैं, का राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से मिलना राज्य के राजनीतिक और कानूनी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि यह मुलाकात औपचारिक रूप से एक शिष्टाचार भेंट बताई गई है, लेकिन माना जा रहा है कि दोनों के बीच राज्य के मौजूदा कानूनी और राजनीतिक परिदृश्य पर अनौपचारिक बातचीत हुई होगी।
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन दोनों ही भाजपा से जुड़े हुए हैं और कानून तथा राजनीति का गहरा अनुभव रखते हैं। ऐसे में, प्रदेश में चल रहे कानूनी विवादों, विशेष रूप से राज्यसभा चुनाव से जुड़े संवेदनशील मामले की प्रगति पर चर्चा होना स्वाभाविक है। सत्यपाल जैन का हिमाचल हाईकोर्ट में पैरवी करना भाजपा के लिए इस मामले की गंभीरता को दर्शाता है।
मनु सिंघवी की याचिका में चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि जैन की उपस्थिति से इस मामले में भाजपा का कानूनी पक्ष काफी मजबूत हुआ है। राज्यपाल से उनकी भेंट ने हिमाचल प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियों को और भी तेज कर दिया है, खासकर उस दौर में जब राज्य में कांग्रेस और भाजपा के बीच कानूनी और राजनीतिक खींचतान चरम पर है।
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हिमाचल के राज्यपाल से मिले पूर्व सांसद सत्यपाल जैन, राज्यसभा चुनाव मामले पर चर्चा की संभावना

राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन दोनों ही भाजपा से जुड़े हुए हैं और कानून तथा राजनीति का गहरा अनुभव रखते हैं। ऐसे में, प्रदेश में चल रहे कानूनी विवादों, विशेष रूप से राज्यसभा चुनाव से जुड़े संवेदनशील मामले की प्रगति पर चर्चा होना स्वाभाविक है। सत्यपाल जैन का हिमाचल हाईकोर्ट में पैरवी करना भाजपा के लिए इस मामले की गंभीरता को दर्शाता है।
मनु सिंघवी की याचिका में चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि जैन की उपस्थिति से इस मामले में भाजपा का कानूनी पक्ष काफी मजबूत हुआ है। राज्यपाल से उनकी भेंट ने हिमाचल प्रदेश की राजनीतिक गतिविधियों को और भी तेज कर दिया है, खासकर उस दौर में जब राज्य में कांग्रेस और भाजपा के बीच कानूनी और राजनीतिक खींचतान चरम पर है।
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