fire in Factory : families of deceased workers do not get Justice-m.khaskhabar.com
×
khaskhabar
Oct 11, 2026 11:58 pm
Location
 
   राजस्थान और हरियाणा सरकार से विज्ञापनों के लिए मान्यता प्राप्त
Advertisement

फैक्ट्री अग्निकांड: मृतक मजदूरों के परिजनों ने नहीं मिला न्याय

khaskhabar.com: गुरुवार, 02 फ़रवरी 2017 09:19 AM (IST)
फैक्ट्री अग्निकांड: मृतक मजदूरों के परिजनों ने नहीं मिला न्याय
उदयपुर। सुखेर में दीपा कैमिकल फैक्ट्री अग्निकांड के बाद मृतक मजदूरों के परिजनों और घायल मजदूरों को न्याय नहीं मिल पाया है। पुलिस आरोपी फैक्ट्री मालिक को अभी तक नहीं पकड़ पाई। दर्दनाक हादसे में 7 मजदूरों की मौत हो चुकी है। वहीं 2 मजदूर अभी भी हॉस्पीटल में जिंदगी की जंग लड़ रहे है। इसके बावजूद फैक्ट्रीज एंड बायलर्स इंस्पेक्शन डिपार्टमेंट और पुलिस आग के कारणों का सटीक पता नहीं लगा पाया है। हालांकि डिपार्टमेंट उदयपुर के डिप्टी चीफ इंस्पेक्टर योगेश्वर व्यास ने कहा है कि आग इतनी भीषण थी कि वहां सब कुछ खाक हो चुका है। व्यास ने यह भी कहा है कि दीपा कैमिकल फैक्ट्री अवैध तरीके से ही चल रही थी। जिसकी चार्ज शीट बना रहे हैं। इधर, पुलिस गिरफ्तारी की औपचारिकता पूरी करने के लिए सिर्फ फैक्ट्री मालिकों के घर दबिश दे रही है। इसके अलावा गिरफ्तारी के कोई प्रयास नहीं हुए हैं। एसएचओ मांगीलाल ने बताया कि फैक्ट्री मालिक सेक्टर 4 निवासी दिनेश हरकावत और अशोक नगर निवासी मनीष तलेसरा दोनों के घरों पर उनके परिजन भी नहीं हैं। परिजन भी घर छोडक़र दूसरे जगह चले गए हैं। पूरे मामले की बड़ी बात यह है कि जांच करने वाली पुलिस को इस फैक्ट्री के वैध या अवैध होने की जानकारी भी नहीं है। इधर, बुधवार को आग में जलकर मरे 2 श्रमिकों को 50-50 हजार रुपए के चैक प्रदान किए गए। गोगुंदा तहसील की दादिया ग्राम पंचायत क्षेत्र के खेरावास निवासी शांति लाल गमेती व मनोहर लाल गमेती के परिजनों को अटल सेवा केंद्र में चैक दिए। व्यास ने बताया कि विभाग फैक्ट्री मालिक फैक्ट्री मालिक दिनेश हरकावत और मनीष तलेसरा के विरुद्ध कारखाना अधिनियम के तहत कार्रवाई करने चार्जशीट बना रहा है। इसके तहत आरोप सिद्ध होने पर अवैध तरीके से चला रहे फैक्ट्री के एवज में दो वर्ष के कारावास, एक लाख रुपए का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। संयुक्त श्रम आयुक्त राजेश थानवी ने कहा है कि फैक्ट्री चाहे अवैध चल रही हो या वैध। इससे हमें कोई मतलब नहीं है। 7 मजदूर जलकर मरे हैं। 2 का इलाज जारी है। उन्हें नियोजक (फैक्ट्री संचालक) को नियमानुसार मुआवजा देना होगा। साथ ही कार्रवाई भी होगी। वहीं, एडीएम सिटी ओ.पी. बुनकर ने कहा कि जांच जारी है। फैक्ट्रीज एंड बायलर्स इंस्पेक्शन डिपार्टमेंट, श्रम विभाग आदि संबंधित विभागों से जांच रिपोर्ट जल्द मिलते ही कार्रवाई करेंगे।

[@ यहां पकौडे और चटनी के नाम रामायण के किरदारों पर]

[@ 2017 बजट की बड़ी बातें पढ़ने के लिए क्लिक करे]

Advertisement
Khaskhabar.com Facebook Page:
Advertisement
Advertisement