Energy Minister Anil Vij leads flood control operation in the scorching heat, taking officers to the field for four hours in 41-degree temperatures-m.khaskhabar.com
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ऊर्जा मंत्री अनिल विज का तपती धूप में ऑपरेशन बाढ़ नियंत्रण, 41 डिग्री में चार घंटे अफसरों को लेकर फील्ड में उतरे

khaskhabar.com: शनिवार, 06 जून 2026 6:50 PM (IST)
ऊर्जा मंत्री अनिल विज का तपती धूप में ऑपरेशन बाढ़ नियंत्रण, 41 डिग्री में चार घंटे अफसरों को लेकर फील्ड में उतरे
खास खबर। चंडीगढ़ हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज आज अम्बाला कैंट में 41 डिग्री तापमान की तपती धूप के बावजूद पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आए। मंत्री अनिल विज ने डीसी सहित अफसरों के साथ बाढ़ नियंत्रण प्रबंधों का जायजा लेने के लिए नदी, नालों, ड्रेनों और पंप हाउसों पर चार घंटे तक एक-एक लोकेशन पर जमीनी हकीकत को जाना।
निरीक्षण के दौरान कई जगह ऐसे दृश्य सामने आए जहां विभागीय प्रबंध पूरे नहीं पाए गए जिससे मंत्री अनिल विज खासे खफा हुए। जहां-जहां मंत्री पहुंचे, वहां सफाई और खुदाई के लिए बड़ी-बड़ी मशीनें चलती दिखाई दीं, मगर कुछ स्थानों पर मंत्री के सामने ही लोगों ने दावा कर दिया कि कुछ दिन पहले तक यहां कोई मशीन काम नहीं कर रही थी। यह बात सुनते ही सिंचाई विभाग के अधिकारी बचाव में आए और बोले कि मशीनें दो दिन पहले ही लगाई गई हैं।
इस पर मंत्री अनिल विज ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि लगता है निरीक्षण का कार्यक्रम तय होने के बाद ही विभागों को सफाई कार्य याद आया ताकि मौके पर काम होता हुआ दिखाई दे। जमीनी निरीक्षण के बाद मंत्री विज ने अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि अब बहाने नहीं चलेंगे। उन्होंने उपायुक्त अजय सिंह तोमर को निर्देश दिए कि एक हाई लेवल कमेटी गठित की जाए जो सात दिन बाद उन्हीं सभी स्थानों पर जाकर जांच करे जहां शनिवार को निरीक्षण किया गया।
कमेटी यह रिपोर्ट तैयार करेगी कि एक सप्ताह में कितना काम हुआ, कौन से निर्देश पूरे हुए और किन अधिकारियों ने लापरवाही बरती। यह रिपोर्ट सीधे मंत्री अनिल विज को सौंपी जाएगी। विज ने कहा कि निरीक्षण का फायदा तभी है जब उसका परिणाम जमीन पर दिखाई दे। यदि समय रहते खामियां दूर कर दी गईं तो अंबाला छावनी को संभावित बाढ़ और जलभराव से काफी हद तक बचाया जा सकेगा। उन्होंने अफसरों की हौंसला बढ़ाते हुए यह भी कहा कि बेहतर कार्य करने वाले अफसरों को आगामी स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित भी किया जाएगा।
टांगरी नदी में घसीटपुर पर बने काजवे को देखकर मंत्री अनिल विज खासे नाराज नजर आए। उन्होंने अधिकारियों को मौके पर दिखाया कि किस प्रकार छोटा काजवे बरसात के समय पानी के बहाव में सबसे बड़ी बाधा बन जाता है। जब यह सामने आया कि इसे हटाने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है तो मंत्री ने अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। उन्होंने तत्काल काजवा तोड़ने के निर्देश दिए और कहा कि इसकी जगह अस्थायी लकड़ी का पुल बनाया जाए ताकि लोगों की आवाजाही भी बनी रहे और बरसाती पानी का बहाव भी बाधित न हो।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने रेलवे कॉलोनी के पास गुडगुडिया नाले का निरीक्षण करते समय अधिकारियों को दिखाया कि मुख्य नाला झाड़ियों और गाद से अटा पड़ा है। पानी निकासी का रास्ता संकरा हो चुका है और बरसात में यह बड़ी समस्या पैदा कर सकता है। इसके बाद रेलवे और कैंटोनमेंट बोर्ड के अधीन आने वाले नालों का निरीक्षण करते हुए ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने अधिकारियों को दिखाया कि कई स्थानों पर बड़े नालों का आकार अचानक छोटा हो जाता है, जिससे पानी का प्रवाह कम हो जाता है। इस पर अधिकारियों ने जल्द कार्रवाई की बात कही।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने चेतावनी दी कि यदि नालों की चौड़ाई और प्रवाह क्षमता नहीं बढ़ाई गई तो बरसात का पानी वापस आबादी वाले क्षेत्रों में घुसेगा और जलभराव की स्थिति पैदा करेगा। ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने अपना निरीक्षण बब्याल पंप हाउस से शुरू किया। इसके बाद चंदपुरा पुल, टांगरी नदी बांध के किनारों, महेशनगर पंप हाउस, महेशनगर ड्रेन, रामबाग रोड नाला, 12 क्रॉस रोड नाला, यादव धर्मशाला के पास गुडगुडिया नाला, घसीटपुर में टांगरी नदील पर पानी निकासी व्यवस्था, रेलवे कॉलोनी क्षेत्र तथा सैन्य क्षेत्र के नालों का निरीक्षण किया। करीब चार घंटे तक चले इस मैराथन निरीक्षण में अधिकारियों को हर उस स्थान पर ले जाया गया जहां बरसात के दौरान जलभराव या पानी निकासी की समस्या सामने आती रही है।
निरीक्षण के अंत में मंत्री अनिल विज का संदेश साफ था बाढ़ नियंत्रण और पानी निकासी के मामलों में अब केवल फाइलों और बैठकों से काम नहीं चलेगा। सात दिन बाद फिर उन्हीं स्थानों की समीक्षा होगी और इस बार विभागीय दावों नहीं बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले काम के आधार पर अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

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