Advertisement
आचार्य सत्येंद्र दास की अंतिम यात्रा में शामिल हुए डॉ. रामविलास वेदांती, पद्म पुरस्कार देने की मांग

डॉ. वेदांती ने आचार्य सत्येंद्र दास के जीवन और उनकी साधना को याद करते हुए कहा कि उनका पूरा जीवन रामलला की सेवा में समर्पित था। उनकी भक्ति और समर्पण को देखते हुए उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाना चाहिए। वेदांती ने सरकार से आग्रह किया कि संत समाज के ऐसे महापुरुषों को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलनी चाहिए, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन धर्म और आस्था की सेवा में लगा दिया।
उल्लेखनीय है कि आचार्य सत्येंद्र दास का निधन बुधवार को हो गया था। लखनऊ एसजीपीजीआई में बुधवार को उन्होंने अंतिम सांस ली थी। वह लंबे समय से अस्वस्थ थे और एसजीपीजीआई में उनका इलाज चल रहा था।
सत्येंद्र दास को 2 फरवरी को स्ट्रोक के कारण अयोध्या के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां से उन्हें पहले ट्रामा सेंटर और फिर लखनऊ एसजीपीजीआई रेफर किया गया था। अस्पताल प्रशासन द्वारा जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, वह मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों से भी ग्रस्त थे।
इसके बाद 4 फरवरी को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अस्पताल पहुंचकर उनका कुशलक्षेम जाना था। इस दौरान सीएम योगी ने डॉक्टरों से इलाज की प्रगति पर चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे।
राम मंदिर के निर्माण के दौरान और उसके बाद भी आचार्य सत्येंद्र दास की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। वह मंदिर परिसर में नियमित पूजा-अर्चना का नेतृत्व करते थे और राम भक्तों के लिए प्रेरणास्रोत थे।
--आईएएनएस
ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे
Advertisement
अयोध्या
Advertisement
उत्तर प्रदेश से
सर्वाधिक पढ़ी गई
Advertisement
Traffic
Features


