एलपीजी संकट पर डोटासरा का हमला, कहा– गैस की कमी से प्रदेश में हाहाकार, कांग्रेस करेगी आंदोलन

डोटासरा ने कहा कि पहले नोटबंदी के समय लोगों को लाइन में खड़ा होना पड़ा, फिर कोरोना महामारी के दौरान दवाइयों और वैक्सीन के लिए कतारें लगीं और अब गैस सिलेंडर के लिए लोगों को लाइन में लगना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों के कारण आमजन को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि गैस आपूर्ति प्रभावित होने से होटल, रेस्टोरेंट, हॉस्टल की मैस, कॉलेज कैंटीन और ढाबों में भोजन व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इससे खासकर उन छात्रों को परेशानी हो रही है जो पढ़ाई के लिए जयपुर, सीकर और कोटा जैसे शहरों में रहते हैं।
डोटासरा ने यह भी कहा कि पर्यटन क्षेत्र पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ा है। उनके मुताबिक होटल उद्योग में बुकिंग करीब 40 प्रतिशत तक घट गई है और कई पर्यटक प्रदेश आने से हिचक रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान स्थिति के कारण कई उद्योगों में उत्पादन भी प्रभावित हुआ है।
प्रेसवार्ता में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी राज्य सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि विधानसभा में सरकार ने दावा किया था कि प्रदेश में रसोई गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन सरकार के फैसलों से ही लोगों में चिंता और घबराहट बढ़ी है।
जूली ने कहा कि सरकार को एक श्वेत पत्र जारी कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि प्रदेश में गैस सिलेंडरों का वास्तविक स्टॉक कितना है और मांग कितनी है। उन्होंने कहा कि गैस आपूर्ति की कमी का असर होटल, ढाबे, केंटीन, कपड़ा उद्योग और पर्यटन क्षेत्र पर पड़ रहा है और कई व्यवसाय बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर राज्य सरकार कहती है कि गैस की आपूर्ति केंद्र का विषय है, तो “डबल इंजन सरकार” का दावा भी सवालों के घेरे में आता है।
डोटासरा ने कहा कि अगर सरकार ने जल्द समाधान नहीं किया तो कांग्रेस पार्टी जिला मुख्यालयों से लेकर प्रदेश स्तर तक विरोध प्रदर्शन करेगी और आमजन के मुद्दों को लेकर सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।
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