डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान संघर्ष के बीच भी अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत, तेल और बाजार स्थिर

राष्ट्रपति ने माना कि अभी थोड़े समय के लिए परेशानी या असर पड़ेगा, लेकिन उन्होंने कहा कि लंबे समय में अर्थव्यवस्था को ज्यादा नुकसान नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि लगभग छह हफ्ते तक कुछ दिक्कतें हो सकती हैं, लेकिन उसके बाद हालात ठीक हो जाएगा और अर्थव्यवस्था फिर से संभल जाएगी।
ट्रंप ने शेयर बाजार के बारे में कहा कि इस साल पहले उतार-चढ़ाव हुआ था, फिर भी अभी बाजार काफी हद तक स्थिर है। ट्रंप ने कहा कि इतने मुश्किल हालात के बावजूद शेयर बाजार लगभग उतना ही अच्छा चल रहा है जितना दो महीने पहले था। मुझे लगता है कि हम बहुत अच्छा कर रहे हैं।
उन्होंने संघर्ष खत्म होने के बाद तेज आर्थिक उछाल की भविष्यवाणी की। ट्रंप ने कहा कि जब यह खत्म हो जाए, तो मुझे लगता है शेयर बाजार बहुत तेजी से बढ़ेगा।
उन्होंने आर्थिक प्रदर्शन को अपनी व्यापक विदेश नीति रणनीति से जोड़ा और कहा कि सैन्य कार्रवाई बड़े संकट को रोकने के लिए जरूरी थी। उनका कहना था कि अगर ईरान को परमाणु हथियार बनाने दिया जाता तो इसके आर्थिक परिणाम कहीं ज्यादा गंभीर होते।
ट्रंप ने घरेलू नीति पर बात करते हुए कहा कि उनकी सरकार के टैक्स बदलावों से लोगों को बढ़ती महंगाई में राहत मिल रही है। उन्होंने कहा, “लोगों को 5,000, 8,000, 11,000 डॉलर तक के रिफंड मिल रहे हैं, जिनकी उन्हें कोई उम्मीद नहीं थी।”
उन्होंने कहा कि ऊर्जा लागत आर्थिक स्थिरता का सबसे अहम हिस्सा है। यह लगभग हर चीज को चलाती है। यह अर्थव्यवस्था को चलाती है, और बताया कि कम तेल की कीमतें पूरे आर्थिक सिस्टम के लिए फायदेमंद हैं।
यह बयान ऐसे समय आया है जब वैश्विक बाजार स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की घटनाओं पर संवेदनशील बने हुए हैं। इस रास्ते से दुनिया के तेल का बड़ा हिस्सा गुजरता है, इसलिए यहां किसी भी तरह की बाधा का सीधा असर ऊर्जा कीमतों और महंगाई पर पड़ता है।
--आईएएनएस
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