Advertisement
लोकतांत्रिक विरोध संविधान और कानून के दायरे में किया जाना चाहिए: आचार्य प्रमोद कृष्णम

राहुल गांधी के नेतृत्व को लेकर भी आचार्य प्रमोद कृष्णम ने सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया, "राहुल गांधी लोकतंत्र को भीड़तंत्र में बदलने का प्रयास कर रहे हैं और उनके नेतृत्व में हो रहे विरोध-प्रदर्शन देश के लिए चिंता का विषय हैं। सुरक्षा एजेंसियों को संसद के भीतर और बाहर पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए।"
वहीं, विपक्षी गठबंधन की सांसद डिंपल यादव की भूमिका की प्रशंसा करते हुए आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा, "पूरे विरोध-प्रदर्शन के दौरान उनकी भूमिका सबसे संतुलित और सराहनीय रही। राहुल गांधी के स्थान पर डिंपल यादव को विपक्ष का नेता बनाने पर विचार करें।"
यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) के मुद्दे पर उन्होंने कहा, "यह केवल किसी एक राज्य का विषय नहीं बल्कि पूरे देश से जुड़ा मुद्दा है। देशभर में समान नागरिक संहिता लागू की जानी चाहिए क्योंकि इससे सभी नागरिकों के लिए समान कानून सुनिश्चित होंगे।"
संसद परिसर में विपक्षी सांसदों द्वारा काले कपड़े पहनकर किए गए विरोध पर भी उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा, "यह केवल प्रतीकात्मक विरोध नहीं बल्कि राजनीतिक संदेश देने का प्रयास था। देशहित सर्वोपरि होना चाहिए और लोकतांत्रिक विरोध संविधान और कानून के दायरे में रहकर ही किया जाना चाहिए।"
ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे
Advertisement
गाजियाबाद
Advertisement
उत्तर प्रदेश से
सर्वाधिक पढ़ी गई
Advertisement
Traffic
Features


