Delhis AQI Crosses 700, a Serious Failure of Government Priorities: Kumari Selja-m.khaskhabar.com
×
khaskhabar
Feb 16, 2026 1:14 am
Location
 
   राजस्थान, हरियाणा और पंजाब सरकार से विज्ञापनों के लिए मान्यता प्राप्त
Advertisement

दिल्ली का AQI 700 के पार, सरकार की प्राथमिकताओं की गंभीर विफलता: कुमारी सैलजा

khaskhabar.com: सोमवार, 19 जनवरी 2026 3:03 PM (IST)
दिल्ली का AQI 700 के पार, सरकार की प्राथमिकताओं की गंभीर विफलता: कुमारी सैलजा
चंडीगढ़। दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 700 से ऊपर खतरनाक स्तर पर पहुंचना केवल पर्यावरणीय संकट नहीं, बल्कि केंद्र और राज्यों की सरकारों की प्राथमिकताओं की गंभीर विफलता का प्रमाण है। इस समय न तो पराली जलाई जा रही है और न ही दीपावली जैसे त्यौहार हैं, फिर भी दिल्ली और एनसीआर की हवा जहर बन चुकी है। यह सवाल स्वाभाविक है कि आखिर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। यह बात सिरसा की सांसद, पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव कुमारी सैलजा ने आज मीडिया को जारी एक बयान में कही। उन्होंने इन हालातों के लिए सरकार की नीतियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब केंद्र सरकार, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सभी जगह भारतीय जनता पार्टी की सरकारें हैं, तब एक-दूसरे पर आरोप लगाने का बहाना भी अब नहीं बचता। वर्षों तक कभी पंजाब तो कभी हरियाणा के किसानों को दोष देने वाली भाजपा आज जनता को यह बताए कि मौजूदा हालात के लिए उसकी क्या जवाबदेही है। कुमारी सैलजा ने कहा कि 11 वर्ष पूर्व गंगा-यमुना को स्वच्छ करने के बड़े-बड़े दावे किए गए थे। आज सरकार यह स्पष्ट करें कि क्या वास्तव में गंगा और यमुना स्वच्छ हो गई हैं, या ये घोषणाएं केवल प्रचार तक सीमित रहीं। उन्होंने हरियाणा की जीवन रेखा कही जाने वाली घग्गर नदी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सरकार की अपनी रिपोर्ट बताती है कि घग्गर का पानी अब फसलों के लिए भी उपयुक्त नहीं रह गया है। नदी के किनारे बसे गांवों में कैंसर जैसी घातक बीमारियों का फैलना बेहद चिंताजनक है। यह केवल पर्यावरण का नहीं, बल्कि सीधे-सीधे जन स्वास्थ्य और जीवन के अधिकार का प्रश्न है। कुमारी सैलजा ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार इन जानलेवा मुद्दों पर गंभीरता से काम करने के बजाय धर्म और भावनात्मक मुद्दों के नाम पर राजनीति चमकाने में लगी हुई है। जनता को भाषण नहीं, बल्कि स्वच्छ हवा, स्वच्छ पानी और बुनियादी सुविधाएं चाहिए। उन्होंने मांग की कि केंद्र और राज्य सरकारें तत्काल ठोस कार्ययोजना प्रस्तुत करें, प्रदूषण के वास्तविक कारणों पर वैज्ञानिक और ईमानदार कार्रवाई करें और नागरिकों को यह भरोसा दें कि उनकी सांसें और उनका स्वास्थ्य राजनीति की भेंट नहीं चढ़ेंगे।

ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे

Advertisement
Khaskhabar.com Facebook Page:
Advertisement
Advertisement