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दौसा पुलिस की साइबर एडवाइजरी : वाई-फाई की हल्की चूक से घर तक पहुंच सकते हैं हैकर्स, एसपी पीयूष दीक्षित ने बताए डिजिटल सुरक्षा के कड़े नियम

कनेक्टेड डिवाइस की करें पहचान: यदि नेटवर्क धीमा है या अनधिकृत इस्तेमाल का अंदेशा है, तो मोबाइल या लैपटॉप से राउटर का एडमिन पेज (सामान्यतः 192.168.1.1 या 192.168.0.1) खोलें। लॉगिन करने के बाद 'डिवाइस लिस्ट' या 'अटैच्ड डिवाइसेस' विकल्प में जाकर देखें कि कौन-कौन से उपकरण जुड़े हैं। कोई भी संदिग्ध डिवाइस दिखने पर उसे तुरंत ब्लॉक या रिमूव करें।
डिफ़ॉल्ट 'Admin' पासवर्ड बदलें: राउटर निर्माता द्वारा दिया जाने वाला शुरुआती डिफॉल्ट पासवर्ड इंटरनेट पर आसानी से उपलब्ध होता है। इसे तुरंत बदलकर एक जटिल पासवर्ड सेट करें, जिसमें अक्षरों (अपर व लोअर केस), अंकों और स्पेशल कैरेक्टर्स का मिश्रण हो।
पहचान छुपाए एसएसआईडी (SSID): अपने वाई-फाई का नाम ऐसा रखें जिससे आपका नाम, फ्लैट नंबर या राउटर के मॉडल/ब्रांड का खुलासा न हो।
राउटर सेटिंग्स में इन तकनीकी सुरक्षा मानकों को करें अनिवार्य
पुलिस ने तकनीकी रूप से सुरक्षित रहने के लिए विशेष प्रोटोकॉल अपनाने की सलाह दी है:
WPA3 या WPA2-AES अपनाएं: पुरानी और कमजोर सुरक्षा प्रणाली (WEP या शुरुआती WPA) का उपयोग पूरी तरह बंद करें। राउटर सेटिंग्स में नवीनतम WPA3 या न्यूनतम WPA2-AES एन्क्रिप्शन लागू करें।
WPS और रिमोट मैनेजमेंट बंद रखें: डब्ल्यूपीएस (वाई-फाई प्रोटेक्टेड सेटअप) को बंद रखें, क्योंकि हैकर्स इसके जरिए आसानी से पिन क्रैक कर लेते हैं। इसके साथ ही 'रिमोट मैनेजमेंट' को निष्क्रिय (डिसेबल) करें ताकि इंटरनेट के जरिए कोई बाहरी व्यक्ति राउटर की सेटिंग्स में सेंध न लगा सके।
स्मार्ट टीवी और आईओटी के लिए 'गेस्ट नेटवर्क': स्मार्ट टीवी, सीसीटीवी कैमरे या अन्य स्मार्ट होम उपकरणों को मुख्य वाई-फाई से अलग रखने के लिए राउटर में 'गेस्ट नेटवर्क' तैयार करें। इससे मुख्य फोन और लैपटॉप अतिरिक्त रूप से सुरक्षित रहेंगे।
फर्मवेयर अपडेट व मैक व्हाइटलिस्टिंग: राउटर निर्माता द्वारा जारी किए जाने वाले नियमित सुरक्षा पैच (फर्मवेयर अपडेट) समय पर इंस्टॉल करें और केवल अपने अधिकृत उपकरणों के लिए 'मैक एड्रेस व्हाइटलिस्टिंग' फीचर का प्रयोग करें।
साइबर फ्रॉड या नेटवर्क छेड़छाड़ पर तुरंत कहां करें शिकायत?
दौसा पुलिस ने अपील की है कि वाई-फाई नेटवर्क हैक होने, डेटा चोरी या किसी भी प्रकार के वित्तीय साइबर अपराध की स्थिति में फौरन इन माध्यमों पर संपर्क करें:
राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन: वित्तीय ठगी होने पर बिना समय गंवाए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
राष्ट्रीय पोर्टल: आधिकारिक वेबसाइट https://cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाएं।
राजस्थान पुलिस साइबर हेल्पडेस्क: विशेष मोबाइल नंबर 9256001930 और 9257510100 पर सीधी सूचना दी जा सकती है।
स्थानीय रिपोर्टिंग: किसी भी संदिग्ध घटना की जानकारी तुरंत निकटतम पुलिस थाने या जिला साइबर पुलिस स्टेशन को दें।
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