Cough syrup syndicate case: Dismissed constables Alok Singh and Amit Singh Tata sent to 14-day judicial custody-m.khaskhabar.com
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कफ सिरप सिंडिकेट मामला: बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह और अमित सिंह टाटा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत

khaskhabar.com: मंगलवार, 09 दिसम्बर 2025 7:31 PM (IST)
कफ सिरप सिंडिकेट मामला: बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह और अमित सिंह टाटा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत
लखनऊ। देशभर में सुर्खियों में रहे कफ सिरप सिंडिकेट मामले में लखनऊ सीजेएम कोर्ट ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह और अमित सिंह टाटा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। दोनों आरोपियों को भारी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया था। आरोपी आलोक सिंह और अमित सिंह टाटा के कोर्ट में पेश होते ही वकीलों ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 23 दिसंबर को निर्धारित की है। कफ सिरप सिंडिकेट मामले में लखनऊ एसटीएफ ने हाल ही में बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह को गिरफ्तार किया था। वह लंबे समय से फरार चल रहा था। उसने लखनऊ कोर्ट में सरेंडर अर्जी भी लगाई थी, लेकिन उससे पहले एसटीएफ ने उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया था। जांच में यह सामने आया है कि आलोक सिंह कफ सिरप की बड़ी खेप को अवैध रूप से विदेश भेजने वाले अंतर्राष्ट्रीय गिरोह से जुड़ा हुआ है। इसी मामले में करोड़ों रुपये की कोडीन युक्त दवाएं पहले ही जब्त की जा चुकी हैं। इससे पहले, एसटीएफ ने अमित कुमार सिंह उर्फ अमित टाटा को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में उसने कई अहम खुलासे किए, जिनसे इस अवैध कारोबार का बड़ा नेटवर्क उजागर हुआ। अमित के बयान के अनुसार, उसका परिचय आजमगढ़ के विकास सिंह के जरिए शुभम जायसवाल से हुआ।
शुभम जायसवाल का एबॉट कंपनी की फेन्सेडिल कफ सिरप का बड़ा कारोबार शैली ट्रेडर्स, रांची के नाम से चलता है। नशे के लिए कोडीन युक्त सिरप की सप्लाई बढ़ाने को लेकर धनबाद में देवकृपा मेडिकल एजेंसी बनाई गई, जिसमें अमित ने 5 लाख रुपये निवेश किए थे। इस निवेश पर उसे 22 लाख रुपये का फायदा हुआ। लाभ के लालच में अमित ने बनारस में ड्रग लाइसेंस लेकर नई फर्म भी खोल ली थी।
बता दें कि कफ सिरप सिंडिकेट पिछले कई महीनों से पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब तक कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और बड़े पैमाने पर दवा की अवैध खेप जब्त की गई है। एसटीएफ और अन्य एजेंसियां इस अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क के वित्तीय लेनदेन, सप्लाई चेन और जुड़े हुए अन्य आरोपियों की पहचान में जुटी हैं। -आईएएनएस

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