साइबर अपराध रोकने के लिए पुलिस और ई-कॉमर्स कंपनियों की समन्वय बैठक

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हाल के दिनों में साइबर अपराधियों द्वारा चोरी या दुरुपयोग किए गए क्रेडिट कार्ड विवरणों का इस्तेमाल कर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से महंगे सामान खरीदे जाने के मामले सामने आए हैं। अपराधी विशेष रूप से सोने के सिक्के, गिफ्ट कार्ड और प्रीमियम स्मार्टफोन जैसे महंगे उत्पादों की ऑनलाइन खरीदारी कर धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे हैं।
इन मामलों में अक्सर पीड़ितों को काफी समय बाद जानकारी मिलती है, जिससे जांच और कार्रवाई में कठिनाई भी आती है। बैठक के दौरान साइबर अपराधियों द्वारा ऑनलाइन मार्केटप्लेस और पेमेंट गेटवे के दुरुपयोग के तरीकों पर विस्तार से विचार किया गया। साथ ही संदिग्ध लेनदेन को शुरुआती स्तर पर ही रोकने के लिए निवारक तंत्र को और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा प्रोटोकॉल और फ्रॉड डिटेक्शन सिस्टम को अधिक प्रभावी बनाने के लिए भी सुझाव दिए गए। इसके अलावा यह भी तय किया गया कि संदिग्ध लेनदेन की जानकारी समय रहते कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ साझा की जाएगी, ताकि धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
ऑनलाइन सेवाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए जियो-फेंसिंग, उन्नत केवाईसी सत्यापन और व्यवसाय प्रमाणीकरण जैसी व्यवस्थाओं को लागू करने पर भी चर्चा हुई। बैठक में शामिल सभी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने पुलिस को पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध से निपटने के लिए सूचना साझा करने और समन्वय को और मजबूत बनाया जाएगा, जिससे ऐसे मामलों की प्रभावी रोकथाम हो सके।
कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस ने नागरिकों से भी सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि लोग अपने बैंक खाते, क्रेडिट कार्ड, ओटीपी या अन्य वित्तीय विवरण किसी के साथ साझा न करें। यदि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी का शिकार होते हैं तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।
--आईएएनएस
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