Control of Lohia Trust Taken from Shivpal After Party Split; Rajbhar and Kashyap Target Akhilesh Yadav-m.khaskhabar.com
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पार्टी के बाद शिवपाल से छिना लोहिया ट्रस्ट, अखिलेश यादव पर राजभर-कश्यप ने साधा निशाना

khaskhabar.com: मंगलवार, 15 सितम्बर 2026 2:00 PM (IST)
पार्टी के बाद शिवपाल से छिना लोहिया ट्रस्ट, अखिलेश यादव पर राजभर-कश्यप ने साधा निशाना
लखनऊ । समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के हाथों अब लोहिया ट्रस्ट की कमान होगी। अब तक इसकी कमान पूर्व कैबिनेट मंत्री और उनके चाचा शिवपाल सिंह यादव के हाथों थी। शिवपाल सिंह यादव से कमान लिए जाने को लेकर भाजपा ने सपा पर निशाना साधा है। योगी सरकार के मंत्री ओपी राजभर और नरेंद्र कश्यप ने इसे लेकर अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए कहा कि अखिलेश यादव को शिवपाल यादव पर भरोसा नहीं है, इसलिए उनसे ट्रस्ट की कमान ले ली गई। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने इस बदलाव को लेकर अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को शिवपाल यादव पर भरोसा नहीं है। राजभर ने शिवपाल के पुराने राजनीतिक रुख का जिक्र करते हुए कहा कि अखिलेश यादव को शिवपाल यादव जी पर भरोसा नहीं है। इससे पहले शिवपाल यादव अखिलेश यादव को छोड़कर चले गए थे। उन्होंने अपनी खुद की पार्टी बना ली थी। उस दौरान उन्होंने सपा को क्या-क्या नहीं कहा। चोर-उचक्कों की पार्टी बताया, शराब-माफियाओं की पार्टी, जमीन हड़पने वाली पार्टी तक बताया था। ऐसे में अखिलेश यादव शिवपाल यादव पर कैसे ट्रस्ट करेंगे? इसीलिए उन्होंने शिवपाल यादव से लोहिया ट्रस्ट की कमान ले ली है। योगी सरकार में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने भी इस फैसले पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की जिम्मेदारी शिवपाल यादव से अखिलेश यादव के पास जाना अपने आप में कोई बड़ा बदलाव नहीं है, क्योंकि कमान अब भी परिवार के ही हाथों में है। नरेंद्र कश्यप ने कहा कि किसी संस्था की जिम्मेदारी परिवार के सदस्यों के बीच ही केंद्रित रहना लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं कहा जा सकता।
उन्होंने कहा कि संभव है अखिलेश यादव को आशंका रही हो कि आगे चलकर शिवपाल यादव अपनी शर्तों या अपने तरीके से ट्रस्ट चलाएं, इसलिए उन्होंने खुद इसकी जिम्मेदारी संभाल ली। बता दें कि शिवपाल और अखिलेश के बीच राजनीतिक रिश्तों में उतार-चढ़ाव का लंबा इतिहास रहा है। शिवपाल सिंह यादव अलग होकर अपनी पार्टी बना चुके हैं और बाद में दोबारा समाजवादी पार्टी के साथ आए। ऐसे में ट्रस्ट का जिम्मा उनके हाथों से निकलकर अखिलेश के पास जाना सामान्य बदलाव नहीं, बल्कि परिवार और पार्टी की मौजूदा शक्ति-संरचना के बीच भरोसे को लेकर भी देखा जा रहा है।
शिवपाल यादव से लोहिया ट्रस्ट लिए जाने और उसकी कमान खुद के हाथों में लेने के बाद अब अखिलेश के पास सपा के साथ लोहिया ट्रस्ट और जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट की भी कमान आ गई है। बता दें कि लोहिया ट्रस्ट का गठन सपा के गठन से पहले हुआ था। इसका उद्देश्य समाजवादी विचारधारा और डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों का प्रचार-प्रसार करना रहा है।
--आईएएनएस

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