Congress shattered the dignity of the House not just at the Assembly gates, but inside as well: Nayab Singh Saini-m.khaskhabar.com
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कांग्रेस ने विधानसभा के गेट पर ही नहीं, भीतर भी सदन की गरिमा को तार-तार किया : नायब सिंह सैनी

khaskhabar.com: मंगलवार, 01 सितम्बर 2026 8:03 PM (IST)
कांग्रेस ने विधानसभा के गेट पर ही नहीं, भीतर भी सदन की गरिमा को तार-तार किया : नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन अधिकारों के साथ मर्यादा और जिम्मेदारी भी जुड़ी होती है। विरोध के नाम पर नियम तोड़ना अथवा सुरक्षा कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की करना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। किसी कर्मचारी पर अपना राजनीतिक गुस्सा निकालना उचित नहीं है। कांग्रेस के विधायकों ने मानसून सत्र के पहले दिन विधानसभा के गेट पर ही नहीं, भीतर भी सदन की गरिमा को तार-तार किया मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह बात मंगलवार को हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के समापन अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने बताया कि तीन दिन चले इस सत्र में तीन बैठकें हुईं और लगभग 16 घंटे सकारात्मक एवं सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सत्र को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी विधायकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और मीडिया प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा की अपनी गरिमा, परंपराएं और सुरक्षा संबंधी नियम हैं। यदि किसी व्यवस्था के तहत नारे लिखी तख्तियां लेकर विधानसभा भवन में प्रवेश की अनुमति नहीं है, तो प्रत्येक सदस्य की जिम्मेदारी है कि वह उस व्यवस्था का पालन करे। केवल विधायक होने का अर्थ यह नहीं है कि कोई व्यक्ति नियम और कानून से ऊपर हो गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें यह जानकर भी हैरानी हुई कि कुछ कांग्रेस विधायक विरोध प्रदर्शन को विधानसभा के प्रवेश द्वार पर सुरक्षा कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की तक ले गए और इस घटनाक्रम में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि हुड्डा प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हैं, लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में हैं और आज नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। ऐसे वरिष्ठ नेता से संयम और मर्यादा की अपेक्षा स्वाभाविक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व के पास मुद्दों का घोर अभाव है और मुद्दा विहीन कांग्रेस जिस गति से झूठ फैलाती है उस गति से तो हवा भी नहीं चलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की नीतियों व योजनाओं के कारण आज भारत के विकास की चर्चा भारत में नहीं बल्कि भारत से बाहर भी हो रही है।
सुरक्षा कर्मियों के सम्मान की जरूरत :
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा के गेट पर तैनात प्रत्येक पुलिसकर्मी अपनी ड्यूटी निभा रहा होता है। जिस प्रकार विधानसभा सदस्य की अपनी गरिमा है, उसी प्रकार ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी भी सम्मान का अधिकारी है। उन्होंने कहा कि किसी कर्मचारी पर अपना राजनीतिक गुस्सा निकालना उचित नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व से पूरे घटनाक्रम पर आत्मचिंतन करने का आग्रह करते हुए कहा कि यदि किसी पुलिसकर्मी या सुरक्षाकर्मी के साथ अनुचित व्यवहार हुआ है तो उसके लिए खेद व्यक्त करने में किसी नेता का कद छोटा नहीं, बल्कि बड़ा होता है।
1984 के दंगों से संबंधित पोस्टर पर भी जताई आपत्ति :
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि कांग्रेस द्वारा विधानसभा की गरिमा को केवल गेट पर ही नहीं, बल्कि सदन के अंदर भी तार-तार करने का काम किया गया। उन्होंने 27 अगस्त को सदन में कांग्रेस पार्टी से चुने गए एक सिख-दलित विधायक द्वारा दिखाए गए पोस्टर का उल्लेख करते हुए कहा कि उसमें 1984 के दंगों के आरोपियों को रोल मॉडल बताने वालों से माफी की मांग की गई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार का पोस्टर दिखाया जाना और उसके बाद नेता प्रतिपक्ष के इशारे पर उसे उनके लाडले विधायक द्वारा छीना जाना तथा अपमानजनक ढंग से सदन में फेंकना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस घटना से कानून के साथ-साथ इंसानियत भी तार-तार हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1984 के दंगों के दौरान लोगों के साथ किस प्रकार अत्याचार हुआ और सिख महिलाओं के साथ किस प्रकार दुर्व्यवहार किया गया, यह सभी जानते हैं। उन्होंने कहा कि उस समय पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी ने भी कहा था कि जब कोई बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती हिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में विपक्ष के नेता की ओर से उसी प्रकार की सफाई देते नजर आना दुर्भाग्यपूर्ण है।
मानसून सत्र में तीन ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर चर्चा :
मुख्यमंत्री ने बताया कि मानसून सत्र के दौरान तीन ध्यानाकर्षण प्रस्तावों पर चर्चा हुई। इनमें कानून-व्यवस्था, हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएनएल) तथा विश्वविद्यालयों में Contractual शिक्षकों से संबंधित विषय शामिल थे।
एचकेआरएनएल को लेकर विपक्ष पर तथ्यों के साथ जवाब:
मुख्यमंत्री ने एचकेआरएनएल के संबंध में कहा कि विपक्ष इस विषय पर इतिहास के अधूरे पन्ने दिखाकर केवल राजनीति कर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने एचकेआरएनएल के माध्यम से व्याप्त ठेकेदारी, बिचौलियापन, शोषण और अपारदर्शिता को समाप्त करने का काम किया है तथा व्यवस्था को पारदर्शी, उत्तरदायी और कर्मचारी-केंद्रित बनाया है।

उन्होंने बताया कि एचकेआरएनएल के तहत एक कैलेंडर वर्ष में 10 चिकित्सा अवकाश और 10 आकस्मिक अवकाश का प्रावधान है। महिला कर्मचारियों को 22 दिन आकस्मिक अवकाश का लाभ दिया जा रहा है।

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