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जर्जर विद्यालयों के मामले में कलेक्टर संधू ने एडीपीसी डॉ. कल्पना शर्मा को थमाया कारण बताओ नोटिस

नोटिस में उल्लेख किया गया है कि भीलवाड़ा में जिला स्तरीय समिति द्वारा कुल 116 जर्जर विद्यालय भवन चिन्हित किए गए थे। इनमें 99 प्रारंभिक शिक्षा एवं 17 माध्यमिक शिक्षा के विद्यालय शामिल हैं। इनमें से अब तक 56 प्रारंभिक तथा 10 माध्यमिक विद्यालय भवन ही ध्वस्त किए गए हैं, जबकि 43 प्रारंभिक और 7 माध्यमिक विद्यालय भवन अभी भी ध्वस्तीकरण की प्रतीक्षा में हैं।
इसी प्रकार, मरम्मत योग्य विद्यालय भवनों की संख्या 204 बताई गई है, जिनके लिए अनुमानित राशि राज्य सरकार को अनुमोदन हेतु भेजी गई है। वहीं 89 विद्यालय भवनों में लगभग 539.22 लाख रुपये की लागत से मरम्मत कार्य प्रगति पर होने का उल्लेख किया गया है।
कलेक्टर ने नोटिस में आरोप लगाया है कि मुख्य सचिव के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद एडीपीसी स्तर पर अपेक्षित ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पर्यवेक्षण एवं मॉनिटरिंग के अभाव में चिन्हित जर्जर विद्यालयों का ध्वस्तीकरण और मरम्मत कार्य समय पर नहीं हो सके। इसे पदीय दायित्वों के निर्वहन में शिथिलता, घोर लापरवाही और उदासीनता का परिचायक बताते हुए पूछा गया है कि उनके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की जाए।
नोटिस में निर्देश दिया गया है कि नोटिस प्राप्त होने के तीन दिवस के भीतर लिखित जवाब प्रस्तुत किया जाए, अन्यथा एकतरफा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी।
एडीपीसी का पक्ष नहीं मिला
इस संबंध में एडीपीसी डॉ. कल्पना शर्मा का पक्ष जानने के लिए उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया और न ही बाद में कोई जवाब उपलब्ध कराया। यदि उनका पक्ष प्राप्त होता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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