Advertisement
NATO समिट में बोले ट्रंप, 'मेरे हिसाब से ईरान के साथ एमओयू अब खत्म'

ये बयान यूएस सेंट्रल कमांड और ईरान की आईआरजीसी के बीच हुए हमले के तनावपूर्ण माहौल में सामने आया है।
इस बीच यूएई के वरिष्ठ राजनयिक अनवर गर्गश का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट में कतर और सऊदी अरब के कमर्शियल टैंकरों पर ईरान के हमले और बहरीन और कुवैत के खिलाफ बार-बार की आक्रामकता यह दिखाती है कि तेहरान तनाव कम करने और "युद्ध का अध्याय समाप्त करने" की जरूरतों को पूरा करने में असमर्थ है।
यूएई के राष्ट्रपति के राजनयिक सलाहकार गर्गश ने बुधवार को एक्स पोस्ट में कहा, "खाड़ी के अरब देश, तनाव बढ़ाने और समझदारी, स्थिरता व शांति के रास्ते के बीच ईरान के बदलते रुख का निशाना नहीं बन सकते।"
बुधवार को यूएस सेंटकॉम की ओर से ईरान के 80 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के दावे के बाद आईआरजीसी ने भी अमेरिका के 85 बेस पर जवाबी कार्रवाई की बात कही।
ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने दक्षिणी ईरान पर अमेरिका के हमलों के जवाब में बहरीन स्थित शेख ईसा एयर बेस पर तैनात अमेरिकी बलों को निशाने पर लेते हुए ड्रोन हमला किया।
सेना ने कहा कि अमेरिका द्वारा युद्धविराम का बार-बार और खुलेआम उल्लंघन करने के गंभीर परिणाम होंगे और क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकाने अब सैन्य ड्रोन हमलों के वैध लक्ष्य होंगे।
--आईएएनएस
Advertisement
प्रमुख खबरें
Advertisement
Traffic
Features


