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राज्य में उद्योगों को बढ़ावा - रीको के नए फैसलों से निवेशकों को बड़ी राहत

khaskhabar.com: बुधवार, 08 अप्रैल 2026 6:33 PM (IST)
राज्य में उद्योगों को बढ़ावा - रीको के नए फैसलों से निवेशकों को बड़ी राहत
जयपुर। राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने और निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से राजस्थान सरकार द्वारा लगातार नीतिगत सुधार किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को सुदृढ़ बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे उद्यमियों को उद्योग स्थापित करने में सहूलियत मिल सके। इसी क्रम में रीको द्वारा निवेशकों की मांग को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। उद्योग की लागत कम करने के उद्देश्य से असंतृप्त औद्योगिक क्षेत्रों (ऐसे औद्योगिक क्षेत्र जहां कम से कम तीन नीलामियों के पश्चात् भी कुल बिक्री योग्य भूमि का 10 प्रतिशत से अधिक भाग किसी भी माध्यम से आवंटित नहीं हो सका हो) में भूखण्डों का आवंटन प्रचलित औद्योगिक दर या आरक्षित दर (जो भी अधिक हो) के 60 प्रतिशत मूल्य पर किया जा रहा है। इन औद्योगिक क्षेत्रों में लीज अवधि को भी 99 वर्ष से घटाकर 33 वर्ष कर दिया गया है। प्रत्यक्ष आवंटन योजना के नौवें चरण में 27 असंतृप्त औद्योगिक क्षेत्रों को शामिल किया गया, जिनमें उद्यमियों का अच्छा रेस्पॉन्स देखने को मिला है। इन औद्योगिक क्षेत्रों के 22 भूखण्डों पर 25 आवेदन प्राप्त हुए हैं। यह कदम उद्योग स्थापना की लागत को कम करने में सहायक होगा। निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए राज्य सरकार की घोषणा के अनुरूप रीको ने प्रत्यक्ष आवंटन योजना की वैधता 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ा दी है। निवेशकों की प्रत्यक्ष आवंटन योजना में भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से एमओयू से जुड़े नियमों में शिथिलता दी है। अब राइजिंग राजस्थान एमओयू होल्डर्स योजना के चरण प्रारंभ होने पर भी ईएमडी जमा कराने की अंतिम तिथि तक एमओयू निष्पादित कर पात्र बन सकेंगे, जिससे अधिक निवेशकों को अवसर मिलेगा। पूर्व में निवेशक प्रत्यक्ष आवंटन योजना का चरण प्रारंभ होने से 15 दिन पूर्व यदि एमओयू कर लेते थे, तभी वे उस चरण में भाग ले पाते थे।
रीको के कुछ ऐसे औद्योगिक क्षेत्रों में भी निवेशकों ने रूचि दिखाई थी जो विशेष श्रेणी के उद्योगों के लिये आरक्षित थे। इन क्षेत्रों में निवेशक सामान्य श्रेणी के उद्योग लगाना चाहते थे। इस हेतु रीको ने इन क्षेत्रों में उपयोग की श्रेणी में बदलाव किया है। जयपुर के औद्योगिक क्षेत्र मानपुर माचेड़ी जो पहले लेदर उद्योग के लिए आरक्षित था, अब सामान्य श्रेणी के लिए बना दिया गया है। इसी प्रकार इंटीग्रेटेड रिसोर्स रिकवरी पार्क थौलाई, जयपुर तथा बोरानाडा (जोधपुर) स्थित मेडिकल डिवाइस पार्क के कुछ भाग को भी सामान्य श्रेणी के उद्योगों के लिए उपलब्ध कराया गया है। मेडिकल डिवाइस पार्क, बोरानाडा में इस नए क्षेत्र को “इंडस्ट्रियल ग्रोथ पार्क बोरानाडा एक्सटेंशन” नाम दिया गया है।
राज्य सरकार और रीको द्वारा किए जा रहे इन सुधारों से निवेशकों का विश्वास बढ़ा है और औद्योगिक विकास को गति मिली है। नीतियों एवं नियमों के सरलीकरण के कारण बड़ी संख्या में औद्योगिक भूखण्डों का आवंटन हुआ है। इससे राज्य के औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश बढे़गा एवं औद्योगिक इकाइयां लगेंगी और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।

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