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बीजेपी नेताओं ने 'गद्दार' वाली टिप्पणी पर राहुल गांधी की आलोचना की, कहा कि सिख समुदाय आहत हुआ

सिख मूल्यों का ज़िक्र करते हुए पुरी ने कहा कि सिख धर्म मानवता, समानता और सेवा की भावना पर आधारित है। उन्होंने 1984 के गोल्डन टेंपल से जुड़े घटनाक्रम का हवाला देते हुए कहा कि देश जानता है कि उस समय क्या हुआ था और इसके लिए कौन जिम्मेदार था।
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) का विरोध किया, जबकि यह कानून पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में प्रताड़ित सिखों को नागरिकता देने से जुड़ा है।
उन्होंने कहा, “जो लोग सीएए का विरोध कर रहे थे, वही आज दूसरों को ‘गद्दार’ कह रहे हैं। उन्हें यह बताना चाहिए कि चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के साथ कौन सा समझौता किया गया था और उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया। साथ ही यह भी स्पष्ट करें कि राजीव गांधी फाउंडेशन को चीन से फंड किस खाते में मिला।”
दिल्ली बीजेपी विधायक अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि राहुल गांधी के इस बयान से देश भर का सिख समुदाय आहत और नाराज़ है।
उन्होंने कहा, “यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस व्यक्ति के दादा ने देश की एकता और अखंडता के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी, उसी को गद्दार कहा जा रहा है, जबकि देश को बांटने वाली आवाज़ों को बढ़ावा दिया जा रहा है।”
अरविंदर सिंह लवली ने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस का इतिहास सिख नेताओं और सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, जिन्हें उन्होंने एक अच्छा और ईमानदार इंसान बताया, को भी उनकी ही पार्टी ने एक कमजोर नेता के रूप में पेश किया था।
बीजेपी नेताओं ने कहा कि इस तरह की टिप्पणियां देश की एकता को नुकसान पहुंचाती हैं और उन समुदायों की भावनाओं को आहत करती हैं, जिन्होंने देश के लिए बड़े बलिदान दिए हैं।
इससे पहले दिन में संसद परिसर में राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी बहस हुई।
यह घटना मकर द्वार के पास हुई, जब कांग्रेस सांसद वहां विरोध प्रदर्शन कर रहे थे और रवनीत सिंह बिट्टू उनके पास से गुजर रहे थे। इसी दौरान राहुल गांधी को यह कहते हुए सुना गया, “देखो, एक गद्दार यहीं से गुजर रहा है। इसका चेहरा देखो।”
उन्होंने बिट्टू की ओर हाथ बढ़ाते हुए कहा, “नमस्ते भाई, मेरे गद्दार दोस्त। चिंता मत करो, तुम वापस आओगे।”
राहुल गांधी ने यह टिप्पणी इसलिए की क्योंकि रवनीत सिंह बिट्टू पहले कांग्रेस में थे और मार्च 2024 में बीजेपी में शामिल हो गए थे।
हालांकि, केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने हाथ मिलाने से इनकार कर दिया और इन टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताई।
--आईएएनएस
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