BJP Government Undermining Rights of the Poor, Laborers, and Farmers: Kumari Selja-m.khaskhabar.com
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गरीब, मजदूर और किसान के अधिकार कमजोर कर रही भाजपा सरकार : कुमारी सैलजा

khaskhabar.com: रविवार, 23 अगस्त 2026 1:11 PM (IST)
गरीब, मजदूर और किसान के अधिकार कमजोर कर रही भाजपा सरकार : कुमारी सैलजा
सिरसा। सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य कुमारी सैलजा ने कहा कि केंद्र और हरियाणा की भाजपा सरकार की नीतियों में गरीब, मजदूर और किसान की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा लगातार कमजोर हुई है। एक ओर ग्रामीण गरीबों को काम का कानूनी अधिकार देने वाली मनरेगा की मूल भावना को कमजोर किया गया, दूसरी ओर हरियाणा में सफाई कर्मचारी अपने अधिकारों के लिए लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं। वहीं फसल बीमा का प्रीमियम देने के बावजूद किसानों को नुकसान के समय समयबद्ध और पारदर्शी मुआवजा नहीं मिल पाता। कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने वर्ष 2005 में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून बनाकर ग्रामीण परिवारों को रोजगार का कानूनी अधिकार दिया था। यह केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि गरीब और मजदूर के सम्मान तथा आजीविका की सुरक्षा से जुड़ा अधिकार था। केंद्र सरकार ने जुलाई 2026 से मनरेगा की जगह नई ग्रामीण रोजगार व्यवस्था लागू की है। कुमारी सैलजा ने कहा कि किसी भी नई व्यवस्था का मूल्यांकन इस आधार पर होना चाहिए कि उसमें गरीब को काम मांगने और समय पर रोजगार पाने का अधिकार पहले से मजबूत हुआ है या कमजोर। कांग्रेस की स्पष्ट नीति है कि ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में केंद्र की जिम्मेदारी, पर्याप्त बजट, पारदर्शिता और मजदूर के कानूनी अधिकार से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। सांसद ने हरियाणा के सफाई कर्मचारियों के आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि सफाई, सीवर और अग्निशमन कर्मचारी समाज की बुनियादी सेवाओं की रीढ़ हैं। कर्मचारी 6 अगस्त से आंदोलन पर हैं और 13 मई को सरकार के साथ हुई बातचीत में जिन मांगों पर सहमति बनने की बात कही गई थी, उन्हें लागू करने की मांग लगातार उठाई जा रही है। सरकार का दायित्व है कि कर्मचारियों से टकराव के बजाय संवाद करे, उनकी उचित मांगों का सम्मानजनक समाधान निकाले और शहरों की सफाई व्यवस्था भी तत्काल सामान्य रखे। आम जनता को गंदगी और बीमारी के खतरे में छोड़ना तथा गरीब सफाई कर्मचारियों को लंबे आंदोलन के लिए मजबूर होना दोनों स्थितियां उचित नहीं हैं।
कुमारी सैलजा ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि फसल का बीमा कराने वाले किसान को स्पष्ट रूप से पता होना चाहिए कि उसके क्षेत्र में कौन-सी बीमा कंपनी जिम्मेदार है, नुकसान की सूचना कहां देनी है, सर्वे कब होगा और मुआवजा कितने समय में मिलेगा। हरियाणा सरकार के अपने निर्देशों के अनुसार फसल खराब होने की सूचना 72 घंटे के भीतर देने और बीमा कंपनी तथा कृषि विभाग द्वारा सर्वे किए जाने की व्यवस्था है। इसके बावजूद यदि किसान को कंपनी, सर्वे और क्लेम के लिए भटकना पड़ता है तो योजना के उद्देश्य पर ही सवाल खड़ा होता है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि फसल बीमा का मूल उद्देश्य प्राकृतिक आपदा और फसल नुकसान के समय किसान को आर्थिक सुरक्षा देना है, न कि उसे तकनीकी प्रक्रियाओं और कार्यालयों के चक्कर में उलझाना। बीमा कंपनियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए, प्रत्येक जिले में कंपनी और जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी सार्वजनिक की जाए तथा नुकसान का सर्वे पारदर्शी और निश्चित समय सीमा में पूरा करके उचित मुआवजा सीधे किसान के खाते में दिया जाए।
कांग्रेस की नीति हमेशा गरीब, किसान और श्रमिक के अधिकारों की रक्षा की रही
कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस की नीति हमेशा गरीब, किसान और श्रमिक के अधिकारों की रक्षा की रही है। गांव के गरीब को सम्मान के साथ रोजगार, सफाई कर्मचारी को उचित वेतन, सुरक्षा और अधिकार तथा किसान को उसकी खराब फसल का समय पर पूरा और पारदर्शी मुआवजा मिलना चाहिए। विकास का वास्तविक अर्थ तभी है जब व्यवस्था की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को उसका अधिकार बिना संघर्ष और भटकाव के मिले। केंद्र और प्रदेश सरकार को प्रचार से आगे बढ़कर ऐसी जवाबदेह व्यवस्था बनानी चाहिए जिसमें गरीब, मजदूर और किसान स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सके।

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