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गरीब, मजदूर और किसान के अधिकार कमजोर कर रही भाजपा सरकार : कुमारी सैलजा

कुमारी सैलजा ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि फसल का बीमा कराने वाले किसान को स्पष्ट रूप से पता होना चाहिए कि उसके क्षेत्र में कौन-सी बीमा कंपनी जिम्मेदार है, नुकसान की सूचना कहां देनी है, सर्वे कब होगा और मुआवजा कितने समय में मिलेगा। हरियाणा सरकार के अपने निर्देशों के अनुसार फसल खराब होने की सूचना 72 घंटे के भीतर देने और बीमा कंपनी तथा कृषि विभाग द्वारा सर्वे किए जाने की व्यवस्था है। इसके बावजूद यदि किसान को कंपनी, सर्वे और क्लेम के लिए भटकना पड़ता है तो योजना के उद्देश्य पर ही सवाल खड़ा होता है।
कुमारी सैलजा ने कहा कि फसल बीमा का मूल उद्देश्य प्राकृतिक आपदा और फसल नुकसान के समय किसान को आर्थिक सुरक्षा देना है, न कि उसे तकनीकी प्रक्रियाओं और कार्यालयों के चक्कर में उलझाना। बीमा कंपनियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए, प्रत्येक जिले में कंपनी और जिम्मेदार अधिकारियों की जानकारी सार्वजनिक की जाए तथा नुकसान का सर्वे पारदर्शी और निश्चित समय सीमा में पूरा करके उचित मुआवजा सीधे किसान के खाते में दिया जाए।
कांग्रेस की नीति हमेशा गरीब, किसान और श्रमिक के अधिकारों की रक्षा की रही
कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस की नीति हमेशा गरीब, किसान और श्रमिक के अधिकारों की रक्षा की रही है। गांव के गरीब को सम्मान के साथ रोजगार, सफाई कर्मचारी को उचित वेतन, सुरक्षा और अधिकार तथा किसान को उसकी खराब फसल का समय पर पूरा और पारदर्शी मुआवजा मिलना चाहिए। विकास का वास्तविक अर्थ तभी है जब व्यवस्था की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को उसका अधिकार बिना संघर्ष और भटकाव के मिले। केंद्र और प्रदेश सरकार को प्रचार से आगे बढ़कर ऐसी जवाबदेह व्यवस्था बनानी चाहिए जिसमें गरीब, मजदूर और किसान स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सके।
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