Advertisement
वाराणसी का भारत माता मंदिर : देशभक्ति, इतिहास और आस्था का 100 वर्षीय प्रतीक

मंदिर की देखरेख करने वाले राजीव के मुताबिक, मंदिर के निर्माण में काशी के इंजीनियर दुर्गा प्रसाद खत्री के नेतृत्व में 30 कारीगरों की टीम ने मानचित्र पर काम किया, जबकि 25 लोगों ने मंदिर की संरचना तैयार की। चूंकि यह कार्य ब्रिटिश राज में हो रहा था, इसलिए कारीगर विभिन्न स्थानों पर पत्थरों को काटते थे और फिर उन्हें गुप्त रूप से मंदिर परिसर में लाकर जोड़ा जाता था।
मंदिर में बने अखंड भारत के मानचित्र में नदियां, पहाड़, झीलें, टापू और समुद्र तल से ऊंचाई तक का बारीकी से विवरण उकेरा गया है। इसमें अफगानिस्तान, बांग्लादेश, बलूचिस्तान, तिब्बत और अरब सागर का भी चित्रण किया गया है, जो इसे एक अद्वितीय ऐतिहासिक धरोहर बनाता है।
मंदिर की देखरेख करने वाले राजीव के अनुसार, यह मंदिर भारत की आजादी से पहले बन चुका था और अब इसे 100 साल से अधिक हो गए हैं।
--आईएएनएस
ये भी पढ़ें - अपने राज्य / शहर की खबर अख़बार से पहले पढ़ने के लिए क्लिक करे
Advertisement
वाराणसी
Advertisement
उत्तर प्रदेश से
सर्वाधिक पढ़ी गई
Advertisement
Traffic
Features


