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सवाई माधोपुर में भगवा कांवड़ यात्रा: बालमुकुंदाचार्य बोले 'सनातन संस्कृति को मजबूत करने में हमारा योगदान'

अनिरुद्धाचार्य के बयानों पर बालमुकुंदाचार्य ने कहा कि सनातनी संतों, धर्मगुरुओं या कथावाचकों के खिलाफ बिना पूरी जानकारी के टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग आपदा के समय सबसे पहले मदद के लिए आगे आते हैं और भंडारे जैसे आयोजनों के जरिए लोगों की सहायता करते हैं।
उन्होंने इस तरह के आयोजनों को संस्कृति के लिए जरूरी बताया और कहा कि सवाई माधोपुर के लोग सनातन को मजबूत करने में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। यह यात्रा भारत के गौरव और विकास का प्रतीक है, जो विश्व में देश का परचम लहरा रहा है।
बता दें कि कांवड़ यात्रा पुराने शहर के मुख्य बाजारों से होकर गुजरी। वाराणसी से आए कलाकारों ने शिव विवाह, शिव तांडव और शव यात्रा जैसी शिव लीलाओं का सजीव मंचन किया, जिसे देखकर लोग मंत्रमुग्ध हो गए। जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया और जलपान की व्यवस्था की। यात्रा खंडार तिराहे, ठठेरा कुंड होते हुए राजबाग पहुंची, जहां शिव विवाह का मंचन हुआ।
--आईएएनएस
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