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Sep 14, 2026 5:47 pm
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“भारतीय कला के महान कलाकार” - राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, जयपुर में कला प्रदर्शनी एवं बिक्री - 5 से 20 सितंबर तक, यहां देखें

khaskhabar.com: गुरुवार, 03 सितम्बर 2026 1:19 PM (IST)
“भारतीय कला के महान कलाकार” - राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, जयपुर में कला प्रदर्शनी एवं बिक्री - 5 से 20 सितंबर तक, यहां देखें
जयपुर, । राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC), जयपुर द्वारा “भारतीय कला के महान कलाकार” शीर्षक से एक विशेष कला प्रदर्शनी एवं बिक्री का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी 5 से 20 सितंबर 2026 तक राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर के प्रथम तल स्थित आर्ट गैलरी में आयोजित होगी। प्रदर्शनी की क्यूरेटर निखत अंसारी हैं। इस प्रदर्शनी में देश के 35 प्रसिद्ध और वरिष्ठ कलाकारों की कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी। इसका उद्देश्य भारतीय कला की समृद्ध परंपरा और विरासत को लोगों तक पहुंचाना तथा कला प्रेमियों, संग्रहकर्ताओं, कलाकारों और कला से जुड़े लोगों को एक साझा मंच प्रदान करना है। राजस्थान के 17 कलाकारों की कलाकृतियां
प्रदर्शनी में राजस्थान के 17 ऐसे कलाकारों की कलाकृतियां भी प्रदर्शित की जाएंगी, जिन्होंने भारतीय कला के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और अपनी अलग पहचान बनाई है।
दर्शकों को पहली बार एक ही स्थान पर कई दशकों में तैयार की गई महत्वपूर्ण कलाकृतियों का संग्रह देखने का अवसर मिलेगा। इनमें कई कलाकृतियां 1950, 1960, 1970 और 1980 के दशकों की हैं। ये कृतियां आधुनिक और समकालीन भारतीय कला के विकास के महत्वपूर्ण दौर को दर्शाती हैं।
अलग-अलग माध्यमों की कलाकृतियां
प्रदर्शनी में विभिन्न माध्यमों में तैयार की गई कलाकृतियां शामिल होंगी। इनमें पेंटिंग, मूर्तियां, लिथोग्राफ, वुडकट, ड्रॉइंग और कागज पर बनाई गई अन्य कलाकृतियां शामिल हैं।
प्रदर्शनी में कई दुर्लभ और पुरानी कलाकृतियां भी प्रदर्शित की जाएंगी। अपनी ऐतिहासिक महत्ता और दुर्लभता के कारण ये कलाकृतियां कला प्रेमियों और संग्रहकर्ताओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
प्रमुख कलाकार
प्रदर्शनी में एम. एफ. हुसैन, हिम्‍मत शाह, के. जी. सुब्रमण्यन, पी. एन. चोयल, सुहास रॉय, कृपाल सिंह शेखावत, डॉ. सुमहेंद्र शर्मा, प्रो. देवकीनंदन शर्मा, ज्योति स्वरूप, मोहन शर्मा, धीरज चौधरी, जोगेन चौधरी, पद्मश्री शाकिर अली, शैल चोयल, अखिलेश वर्मा, समीर ऐच, अजित सील, शब्बीर हसन काजी, प्रो. भवानी शंकर शर्मा, समदार सिंह खंगारोत, सुब्रतो मंडल, जय झारोटिया, अंकित पटेल, गिरिराज शर्मा, संजीब गोगोई, सलील सहानी, रघु नवारिया, जयंती रबारी, डॉ. नंदलाल ठाकुर, पी. सी. किशन, डॉ. अश्विन दलवी, केतकी रॉय चौधरी, रत्नावली के. पी., रामगोपाल कुमावत और डॉ. चंद्रशेखर साई सहित अन्य कलाकारों की कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी।
कलाकारों के लिए RIC की विशेष पहल
इस प्रदर्शनी की एक महत्वपूर्ण विशेषता राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर की कलाकारों के हित में बनाई गई नीति है। कलाकारों को उनकी कलाकृतियों की बिक्री का अधिक लाभ मिले और कला बाजार को बढ़ावा मिले, इसके लिए RIC बिक्री पर केवल 5 प्रतिशत कमीशन लेगा।
इस पहल का उद्देश्य कलाकारों को बिक्री से अधिक लाभ पहुंचाना, लोगों को कला संग्रह के लिए प्रोत्साहित करना और राजस्थान में एक मजबूत एवं सक्रिय कला बाजार को बढ़ावा देना है।
RIC का उद्देश्य जयपुर और राजस्थान को कला, संस्कृति और कला संग्रह के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करना है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से RIC कलाकारों, कला संग्रहकर्ताओं, संस्थानों और कला प्रेमियों के बीच संवाद और संपर्क को मजबूत करने का प्रयास कर रहा है।
दुर्लभ और महत्वपूर्ण कलाकृतियां
प्रदर्शनी का एक प्रमुख आकर्षण राजस्थान के प्रसिद्ध कलाकारों की कुछ दुर्लभ और ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण कलाकृतियां होंगी।
इनमें दिवंगत प्रो. देवकीनंदन शर्मा की वर्ष 1958 की “श्रृंगार” नामक वॉश तकनीक में बनाई गई पेंटिंग प्रमुख है। यह कलाकृति कलाकार की कला-दृष्टि और उनकी उत्कृष्ट चित्रकला को दर्शाती है।
इसी तरह कृपाल सिंह शेखावत की “पाबूजी राठौड़” नामक कलाकृति भी प्रदर्शनी का विशेष आकर्षण होगी। यह टेम्परा माध्यम में बोर्ड पर बनाई गई है और कलाकार की विशिष्ट कला शैली तथा बेहतरीन शिल्प कौशल को दर्शाती है।
प्रदर्शनी में डॉ. सुमहेंद्र शर्मा द्वारा बनाई गई बनी-ठनी की एक कलाकृति भी प्रदर्शित की जाएगी। टेम्परा माध्यम में कपड़े पर बनाई गई यह कलाकृति राजस्थान की प्रसिद्ध बनी-ठनी परंपरा की सुंदरता और आकर्षण को दर्शाती है।
इसके अलावा राजस्थान के प्रसिद्ध कलाकार मोहन शर्मा की पेंटिंग भी प्रदर्शनी में शामिल होंगी। राजस्थान की कला विरासत में उनके महत्वपूर्ण योगदान के कारण उन्हें “राजस्थान के चार रत्नों” में विशेष स्थान प्राप्त है। उनकी कलाकृतियां कला प्रेमियों और संग्रहकर्ताओं के लिए विशेष महत्व रखती हैं।
कला संग्रहकर्ताओं के लिए विशेष अवसर
यह प्रदर्शनी कला प्रेमियों और संग्रहकर्ताओं के लिए दुर्लभ और महत्वपूर्ण कलाकृतियों को देखने और खरीदने का विशेष अवसर प्रदान करेगी।
प्रदर्शनी में ₹1 लाख से लेकर ₹30 लाख तक मूल्य की कलाकृतियां बिक्री के लिए उपलब्ध होंगी। एक ही स्थान पर कलात्मक, ऐतिहासिक और संग्रह के लिहाज से महत्वपूर्ण कलाकृतियों को देखने और खरीदने का अवसर मिलेगा।
“भारतीय कला के महान कलाकार” प्रदर्शनी भारतीय कला के विकास और राजस्थान की समृद्ध कला विरासत की एक सुंदर यात्रा प्रस्तुत करेगी। प्रसिद्ध कलाकारों की कृतियों से लेकर दुर्लभ और पुरानी कलाकृतियों तक, यह प्रदर्शनी कला प्रेमियों और संग्रहकर्ताओं के लिए एक विशेष अनुभव होगी।
यह केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध कला विरासत के एक हिस्से को देखने, समझने और अपने संग्रह का हिस्सा बनाने का अवसर है।

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