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सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर भारत के खिलाफ अफवाह फैला रहीं देशविरोधी ताकतें : सीएम योगी

मुख्यमंत्री ने क्रांतिकारी शचींद्र नाथ बख्शी व मन्मथ नाथ गुप्ता का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वे काशी में पैदा हुए थे। उन्हें आजीवन कारावास की सजा मिली। अंग्रेजों ने उनकी जागीर को जब्त कर लिया था। शचींद्र नाथ सान्याल भी काशी में पैदा हुए और उन्होंने अंतिम सांस गोरखपुर में ली। पं. रामप्रसाद बिस्मिल, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी, अशफाक उल्ला खां, ठाकुर रोशन सिंह को फांसी दी गई। चंद्रशेखर आजाद ने कहा था कि आजाद हमेशा आजाद रहेगा, अंतिम दम तक अंग्रेजों से लड़ते-लड़ते वह प्रयागराज की धरती पर शहीद हुए। इन क्रांतिकारियों का उद्देश्य भारत मां की आजादी के साथ ही गुलामी की बेड़ियों को तोड़कर अंग्रेजों को भारत से भगाना और देश को आजाद कराना था।
सीएम योगी ने कहा कि महान क्रांतिकारी शचींद्र नाथ बख्शी व मन्मथ नाथ गुप्ता को आजादी के बाद जो सम्मान मिलना चाहिए था, नहीं मिला। इन्हें सजा कराने का पाप वकालत करने वाले तत्कालीन कांग्रेसी नेताओं ने किया था। जिन लोगों ने आमजन को अपने नायकों, क्रांतिकारियों से दूर रखा, उन्होंने भारत की युवा पीढ़ी से अन्याय किया। नायकों पर गौरव की अनुभूति का अवसर न देना नौजवान पीढ़ी को आदर्श, गौरव और प्रेरणा से विमुख करने जैसा है। आजादी के बाद जिन लोगों ने सत्ता संभाली, उन लोगों ने क्रांतिकारियों को अपमानित करने का पाप किया। काकोरी के शहीदों के अलावा चंद्रशेखर आजाद, वीर सावरकर, भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, रानी लक्ष्मीबाई, वीरांगना उदा देवी पासी, अवंती बाई, झलकारी बाई के नाम पर कोई स्मारक न बने, लोग इनका नाम भी न जानने पाएं, इसलिए इन क्रांतिकारियों के नाम पर संस्थाओं का नाम नहीं रखा गया। आजादी के बाद भी इसके लिए लगातार साजिशें की गईं।
मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी का आभार जताते हुए कहा कि 2014 में सत्ता संभालने के बाद उन्होंने आजादी के नायकों को सम्मान दिया। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर से जुड़े पंच तीर्थ, वीर सावरकर, रामप्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां के स्मारक को बढ़ाया गया। काकोरी की घटना को काकोरी ट्रेन एक्शन नाम देकर क्रांतिकारियों को सम्मान दिया। इन क्रांतिकारियों के नाम पर अब डाक टिकट जारी हो रहे और संस्थाओं के नाम रखे जा रहे हैं। वरना आजादी के बाद एक ही परिवार/खानदान के नाम पर सभी योजनाओं का नामकरण होता था।
मुख्यमंत्री ने आमजन का आह्वान किया कि हम सभी क्रांतिकारियों को खोजें। हमारे गांव, क्षेत्र, जनपद आदि में अनेक गुमनाम नायक होंगे, जिन्होंने ‘तेरा वैभव अमर रहे मां, हम दिन चार रहें न रहें’ के भाव के साथ आजादी के लिए सर्वस्व समर्पित किया। आजादी के बाद सत्तालोलुप लोगों ने अपने वैभव को देखा। क्रांतिकारियों को भुला दिया गया, उन्हें पाठ्यक्रमों में स्थान नहीं दिया गया। देश, समाज के खिलाफ खूब षड्यंत्र हुआ और फिर से बांटने की साजिश प्रारंभ कर दी गई।
सीएम ने अपील की कि क्रांतिकारियों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से जुड़ी बिखरी सामग्री को एकत्र करें। उनसे जुड़े स्मारकों की मरम्मत-सौंदर्यीकरण से जुड़ें और पुष्पांजलि देकर उनके प्रति सम्मान व्यक्त करें। क्रांतिकारियों के लिए देश की आजादी की लड़ाई सर्वोपरि थी। उनकी स्मृति को जीवंत बनाए रखने के लिए काकोरी में शताब्दी महोत्सव का आयोजन किया गया। एक वर्ष में क्रांतिकारियों की स्मृतियों में अनेक कार्यक्रम किए गए। काकोरी ट्रेन एक्शन से जुड़े परिवारों की वर्तमान पीढ़ी और देश की सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले वीर सैनिकों के परिजनों को भी सम्मान दिया गया है।
--आईएएनएस
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