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उपनिदेशक के बयान से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं में भय और असमंजस, नारी शक्ति संगठन ने जताई चिंता

khaskhabar.com: रविवार, 13 सितम्बर 2026 11:11 PM (IST)
उपनिदेशक के बयान से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं में भय और असमंजस, नारी शक्ति संगठन ने जताई चिंता
कुम्हेर। बाल विकास परियोजना कुम्हेर में प्रशासनिक बदलाव को लेकर चल रहे विवाद के बीच अब आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के भविष्य को लेकर भी चिंता सामने आने लगी है। नारी शक्ति संगठन की अध्यक्ष लक्ष्मी यादव ने महिला एवं बाल विकास विभाग, डीग की उपनिदेशक द्वारा मौजूदा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के स्थान पर नवीन चयन किए जाने संबंधी कथित मौखिक निर्देशों पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। लक्ष्मी यादव ने कहा कि वर्षों से अपने-अपने आंगनवाड़ी केंद्रों पर सेवाएं दे रहीं कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के बीच अचानक उनके स्थान पर नए चयन की बात सामने आने से भय और असुरक्षा का वातावरण बन गया है। कार्मिकों को यह आशंका सताने लगी है कि कहीं उन्हें बिना किसी स्पष्ट लिखित आदेश या पूर्व सूचना के कार्य से अलग कर उनके स्थान पर नए लोगों का चयन न कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि मौजूदा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को हटाकर नवीन चयन किया जाना वास्तव में प्रस्तावित है तो इस संबंध में सक्षम स्तर का स्पष्ट एवं लिखित आदेश सार्वजनिक किया जाना चाहिए। केवल मौखिक रूप से इस प्रकार की बात कहे जाने से न केवल कार्मिकों में भ्रम पैदा हो रहा है, बल्कि उनके रोजगार एवं भविष्य को लेकर मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है।
मौखिक आदेश से कैसे तय होगा कार्मिकों का भविष्य?
नारी शक्ति संगठन की अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि क्या वर्षों से कार्यरत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के भविष्य का निर्णय मौखिक निर्देशों के आधार पर किया जा सकता है? यदि कोई प्रशासनिक निर्णय लिया गया है तो उसकी प्रक्रिया, आधार और सक्षम आदेश स्पष्ट होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं महिला एवं बाल विकास विभाग की जमीनी व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके बीच इस तरह की अनिश्चितता पैदा होने का सीधा असर आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन एवं विभागीय सेवाओं पर पड़ सकता है।
लक्ष्मी यादव ने कहा कि परियोजना स्टाफ में भी कार्यरत महिलाओं के हितों पर किसी भी प्रकार का संभावित कुठाराघात गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से सेवाएं दे रहे कार्मिकों की आजीविका, सम्मान और भविष्य को प्रभावित करने वाला कोई भी निर्णय पारदर्शी प्रक्रिया, स्पष्ट नियमों और उचित अवसर के बिना नहीं लिया जाना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि जब तक सक्षम स्तर से स्पष्ट लिखित आदेश जारी नहीं होता, तब तक मौजूदा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के संबंध में किसी भी प्रकार की नई चयन प्रक्रिया अथवा मौखिक निर्देश जारी नहीं किए जाएं।
उन्होंने कहा कि नारी शक्ति संगठन इस पूरे मामले पर नजर रखेगा और यदि कार्यरत आंगनवाड़ी कार्मिकों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तो संगठन उनकी आवाज को उचित प्रशासनिक एवं शासन स्तर पर उठाएगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मौजूदा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं को बिना स्पष्ट लिखित आदेश, पारदर्शी प्रक्रिया और उचित अवसर दिए हटाने अथवा उनके स्थान पर नवीन चयन की कार्रवाई की गई, तो नारी शक्ति संगठन इसके विरुद्ध आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि संगठन कार्यरत कार्मिकों के हितों की रक्षा के लिए धरना-प्रदर्शन सहित लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं में भय पैदा करके नहीं, बल्कि स्पष्ट प्रशासनिक आदेश और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से ही ऐसी स्थिति का समाधान किया जाना चाहिए।

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