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अमित शाह ने हजारीबाग में नक्सलियों के खिलाफ की गई कार्रवाई को सराहा, कहा- पूरे देश से खत्म होगा नक्सलवाद

बता दें कि संयुक्त ऑपरेशन में सोमवार सुबह मारे गए नक्सली सहदेव सोरन उर्फ परवेश पर 1 करोड़ रुपए का इनाम घोषित था। वहीं, दो अन्य नक्सलियों में 25 लाख रुपए का इनामी और भाकपा माओवादी संगठन की झारखंड स्पेशल एरिया कमेटी का सदस्य रघुनाथ हेम्ब्रम और 10 लाख रुपए का इनामी वीर सेन गंझू शामिल हैं। घटनास्थल से तीन एके-47 राइफल भी बरामद की गई।
नक्सलियों के खिलाफ अभियान में दो दिन के भीतर झारखंड पुलिस की यह दूसरी बड़ी सफलता है। इसके पहले रविवार को पलामू के मनातू जंगल में सुरक्षाबलों और प्रतिबंधित संगठन टीएसपीसी (तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी) के बीच मुठभेड़ में 5 लाख रुपए के इनामी नक्सली मुखदेव यादव को मारा गिराया गया था। वहीं, 7 सितंबर को पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा थाना क्षेत्र के बुर्जुवा पहाड़ी पर पुलिस ने 10 लाख के इनामी नक्सली अमित हांसदा उर्फ अपटन को ढेर किया था। बोकारो जिले का रहने वाला अमित 96 नक्सली वारदातों में वांटेड था।
झारखंड पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में औसतन हर महीने तीन नक्सली मुठभेड़ों में मारे जा रहे हैं। फिलहाल राज्य में 100 से 150 माओवादी सक्रिय हैं। 58 नक्सली इनामी सूची में हैं, जिन पर कुल 5 करोड़ 46 लाख रुपए का इनाम घोषित है। पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में भाकपा माओवादी के 13 बड़े नक्सली हैं।
झारखंड पुलिस और केंद्रीय बल मार्च 2026 तक राज्य को नक्सल मुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत अभियान चला रहे हैं। इस अभियान के तहत जनवरी से अब तक 28 नक्सली मारे जा चुके हैं।
--आईएएनएस
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